
डेस्क खबर बिलासपुर…/ छत्तीसगढ़ से बिहार के गया तक नियमित सीधी ट्रेन चलाने की मांग रेलवे की फाइलों में उलझकर रह गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के हस्तक्षेप और रेलवे अधिकारियों को प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप है। इससे छत्तीसगढ़ के उन यात्रियों को निराशा हो रही है, जिन्हें गया जाने के लिए रेल यात्रा में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
बिलासपुर के मोपका स्थित न्यू सिटी पार्क कॉलोनी निवासी जनार्दन प्रसाद पाल ने 9 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ को पत्र लिखकर दुर्ग से गया तक नियमित ट्रेन चलाने की मांग की थी। इस पर मुख्यमंत्री कार्यालय के अवर सचिव मुकेश कुमार गोंड ने त्वरित पहल करते हुए मंडल रेल प्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर को आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुरोध भेजा।
इसके बाद रायपुर रेल मंडल के मंडल वाणिज्य प्रबंधक राकेश सिंह ने 9 अप्रैल 2026 को दुर्ग से गया तक नियमित ट्रेन चलाने का प्रस्ताव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मुख्यालय, बिलासपुर के उप मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (यात्री सेवा) को भेजा। लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।

धार्मिक यात्रा और पर्यटन के लिए जरूरी सीधी ट्रेन
गया बिहार का प्रमुख धार्मिक स्थल है। छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में लोग पूर्वजों के पिंडदान, धार्मिक अनुष्ठान और पर्यटन के लिए वहां जाते हैं। दुर्ग से गया के बीच नियमित सीधी ट्रेन सेवा उपलब्ध होने से यात्रियों को सुविधा मिल सकती है और पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

जनार्दन प्रसाद पाल ने दुर्ग से प्रयागराज जंक्शन होकर गया तक नियमित ट्रेन चलाने की मांग दोहराते हुए रेलवे प्रशासन से प्रस्ताव पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है।

अब सवाल यह है कि मुख्यमंत्री कार्यालय से शुरू हुई पहल और रेलवे मंडल द्वारा भेजे गए प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय कब होगा? क्या रेलवे प्रशासन यात्रियों की इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगा, या नियमित ट्रेन की उम्मीद यूं ही फाइलों में अटकी रहेगी?

