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पार्ट: 38: राशन घोटाला : विक्रेता संघ का अध्यक्ष ऋषि उपाध्याय का बेटा फिर हुआ कैमरे में ट्रेप ! महिला समूह की दुकान में बैठकर दे रहा था सरकारी राशन के बदले नगद पैसा  ! सिंडिकेट चावल चोरों को मिला हुआ है खाद्य विभाग का संरक्षण .?? आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए बिलासपुर कलेक्टर के आदेश का इंतजार कब होगा खत्म .??



डेस्क खबर बिलासपुर. / बिलासपुर जिले में चावल विक्रेता संघ का अध्यक्ष ऋषि उपाध्याय का बेटा एक बार फिर सरकारी राशन के बदले नगद पैसा देते हुए मोबाइल के कैमरे में कैद हो गया है । विभागीय सूत्रों के अनुसार महिला समूह के नाम पर समिति का संचालन करने वाले ऋषि उपाध्याय अपने राजनैतिक दबाव और विभागीय रिश्तेदारी के चलते गरीबों को दिए जाने वाले सरकारी चावल की जमकर कालाबाजारी और मुनाफाखोरी कर रहा है , जबकि चावल विक्रेता संघ के अध्यक्ष ऋषि उपाध्याय के खिलाफ विभागीय जांच में  हेराफेरी के पुख्ता आरोपों की पुष्टि हो चुकी है । लेकिन उसके रसूख और मामा भांजा की थ्योरी के चलते खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर अपने ही विभाग के तत्कालीन खाद्य नियंत्रक अनुराग भदौरिया  की जांच रिपोर्ट की फाइल को दबा के रखा हुआ है।  इतना ही नहीं विभागीय सूत्र दावा करते है कि सालों से जिले में पदस्थ विभाग का एक अधिकारी इस पूरे मामले को मैनेज कर उसके रसूख का इस्तेमाल कर सालों से जिले में जमा हुआ है । सूत्र तो यहाँ तक दावा करते है कि खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने ऋषि उपाध्याय को संरक्षण देने के लिए अपनी कुर्सी को दांव में लगाते हुए ना सिर्फ सूचना के अधिकार के तहत मांगी जानकारी को नियमों के तहत का हवाला देकर अटका के रखा हुआ है बल्कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय और बिलासपुर कलेक्टर तक को गुमराह कर जांच रिपोर्ट की फाइल को दबा के रखा हुआ है । खाद्य विभाग के संरक्षण और राजनैतिक दबाव के चलते महिला समूह की दुकान के सहायक ऋषि उपाध्याय के पुत्र बेखौफ होकर सरकारी राशन दुकान में अनाज के बदले नगद पैसा देते हुए फिर कैमरे में कैद हो चुका है ।



गरीबों को दिए जाने वाले सरकारी चावल, शक्कर और नमक में लाखों का गबन करने वाले वीडियो और खबर वायरल होने के बाद बिलासपुर कलेक्टर के आदेश के बाद खाद्य विभाग की जांच में अपराधिक मामला दर्ज करने की पुष्टि और जांच रिपोर्ट के बाद भी अब तक चावल विक्रेता संघ के अध्यक्ष और पति ऋषि, पत्नी सत्यशीला उपाध्याय और महिला सचिव पुष्पा दीक्षित के खिलाफ सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज नहीं हो सकी है। खाद्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जय महालक्ष्मी महिला सहायता समूह की दुकान में गड़बड़ी को जांच रिपोर्ट में दंडनीय अपराध मानते हुए प्रतिवेदन भी तैयार करके रखा हुआ है। खाद्य विभाग के अनुसार इस प्रतिवेदन पर बिलासपुर कलेक्टर से अनुमोदन के बाद जय महालक्ष्मी महिला सहायता समूह के खिलाफ संबंधित थाने में मामला दर्ज करवाया जाएगा ।
बिलासपुर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल उठ खड़ा हुआ है। बिलासपुर विक्रेता संघ अध्यक्ष ऋषि उपाध्याय, महिला समूह की अध्यक्ष सत्यशीला उपाध्याय और सचिव पुष्पा दीक्षित पर गरीब हितग्राहियों के हक का राशन हड़पने का आरोप लगा है। इन पर सरकारी चावल, शक्कर और नमक के गबन का गंभीर मामला सामने आया हैदरअसल, जय महालक्ष्मी महिला सहायता समूह की दुकान से राशन के बदले नगद पैसा लेने का वीडियो हाल ही में वायरल हुआ। शिकायत पर बिलासपुर कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग ने जांच की। टीम ने अपनी रिपोर्ट में गड़बड़ी की पुष्टि करते हुए इसे आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध माना। कार्रवाई के तहत दुकान को निलंबित कर दिया गया है, लेकिन अब तक अध्यक्ष और सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।


बिलासपुर शहर के वार्ड क्रमांक 23 मदर टेरेसा नगर, मंगरापारा में जय महालक्ष्मी महिलासहायता समूह द्वारा संचालित उचित मूल्य दुकान के संचालन की जिम्मेदारी महिला समिति को दी गई थी और नियमानुसार इस समिति का संचालन सिर्फ महिलाएं ही कर सकती है लेकिन एक और पुराने वीडियो के सामने आने के बाद अब यह पूरी समिति की कार्यप्रणाली संदेह में नजर आ रही है। वायरल हो रहे इस वीडियो में विक्रेता संघ का अध्यक्ष और जय महालक्ष्मी महिलासहायता समूह का सहायक ऋषि उपाध्याय का पुत्र अभय उपाध्याय राशन वितरण करता दुकान में नजर आ रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारी से मिली जानकारी के अनुसार महिला समिति की दुकानों में चावल के बोरो को उठाने के लिए एक पुरुष हमाल रखा जा सकता है। लेकिन जय महालक्ष्मी महिलासहायता समूह की
दुकान में पहले ऋषि उपाध्याय और अब उसका पुत्र के साथ एक हमाल भी नजर आ रहा है यानी इस महिला समिति के नाम पर संचालित राशन दुकानों में नियमों के विरुद्ध पुरुष काम करते नजर आ रहे है। वीडियो दो से तीन महीने पुराना बताया जा रहा है और ऋषि उपाध्याय के कुछ करीबियों ने नाम न छापने की शर्त में वीडियो में दिख रहे युवक की पुष्टि ऋषि उपाध्याय के पुत्र अभय उपाध्याय के रूप में की है। विभागीय सूत्रों की माने तो महिला समूह की दुकान में पुरुष कर्मचारी का सरकारी राशन बांटना भी अपराध की श्रेणी में आता है।




जांच पूरी, दुकान निलंबित… पर FIR कब? गरीबों के हक पर कार्रवाई का इंतजार

बिलासपुर में राशन गड़बड़ी का खुलासा 7 जून की जांच में हुआ था। 16 जून को नोटिस जारी किया गया और जवाब असंतोषजनक पाए जाने पर उचित मूल्य दुकान को निलंबित कर दिया गया। इसके बावजूद अब तक आरोपियों पर ठोस कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। चर्चा है कि विभागीय संरक्षण और विक्रेताओं के तालमेल के कारण कई मामलों में कार्रवाई लंबित रहती है। अब नजरें बिलासपुर कलेक्टर पर टिकी हैं कि तैयार जांच रिपोर्ट के आधार पर जय महालक्ष्मी महिला सहायता समूह के खिलाफ FIR के आदेश कब जारी होते हैं। इस पूरे कालाबाजारी के खेल में तहकीकात के दौरान पता चला है कि अधिकांश सरकारी राशन की दुकानों में आबंटित किया हुए राशन की हेराफेरी बड़ी परिवहन माध्यम से की जा रही है और जिले में जीपीएस सिस्टम को मजाक बना कर गरीबों के हक में डाका डालकर हर रोज लाखों का खेल खेला जा रहा है ।जिसके जल्द खुलासा प्रमाणों के साथ पड़ताल के बाद होगा ।

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