राजनीति

बीजेपी ने संभावितो को बना दिया प्रभारी . !
लोक सभा में नए चेहरे के जरिए चुनाव लडने की तैयारी में बीजेपी.!
नियुक्तियों की अंदरखाने में चल रही चर्चा .!

डेस्क खबर —छत्तीसगढ़ में बीजेपी ने सभी समीकरणों को नकारते हुए विधानसभा चुनाव में परचम लहराते हुए सत्ता काबिज हो गई । विधानसभा में टिकट के दावेदारों को भी बीजेपी ने टिकट कटने के बाद भी बखूफी मैनेज कर विरोध के स्वर को दबाने का काम किया ।

दो दिन पहले भाजपा ने प्रदेश के सभी लोकसभा सीटों के लिए प्रभारी, सह प्रभारी, और संयोजकों की नियुक्ति की। इन नियुक्तियों की पार्टी के अंदर खाने में खूब चर्चा हो रही है। वजह यह है कि नवनियुक्त पदाधिकारी लोकसभा टिकट के मजबूत दावेदार समझे जा रहे थे, लेकिन कहा जा रहा है कि प्रभारी अथवा संयोजक बनने से टिकट की दावेदारी कमजोर हो गई है।
पूर्व सांसद कमलभान सिंह को सरगुजा लोकसभा सीट का संयोजक बनाया गया है। कमलभान खुद टिकट के दावेदार हैं। चर्चा है कि कमलभान को नई जिम्मेदारी मिलने से दावेदारी कमजोर हो गई है। इसी तरह बिलासपुर के पूर्व सांसद लखनलाल साहू को भी सरगुजा का प्रभारी बनाया गया है। लखनलाल बिलासपुर सीट से टिकट के दावेदार हैं। ऐसे में चर्चा है कि पार्टी बिलासपुर सीट से नया चेहरा आगे ला सकती है। इसी तरह सीनियर विधायक धरमलाल कौशिक को कोरबा का प्रभारी बनाया गया। जबकि उनका नाम बिलासपुर सीट से चर्चा में है।

राजनांदगांव सीट से टिकट के दावेदार नेता पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, और डॉ. सियाराम साहू को अलग-अलग सीटों की जिम्मेदारी दी गई है। यही नहीं, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के विधानसभा चुनाव हारने के बाद कोरबा सीट से चुनाव लडऩे के इच्छुक बताए जाते हैं। मगर उन्हें राजनांदगांव लोकसभा का जिम्मा दे दिया गया है। कुल मिलाकर इन दिग्गजों को चुनाव लड़ाने की जिम्मेदारी दी गई है।