
डेस्क खबर बिलासपुर../ शहर में तेजी से बहुमंजिला इमारतें बन रही हैं, लेकिन क्या इन इमारतों में निर्माण के नियमों का पालन होते नजर नहीं आ रहा है। मामला तोरवा चौक स्थित दीवान कंस्ट्रक्शन के अपार्टमेंट को लेकर सामने आई जानकारी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वीकृत नक्शे के अनुसार अपार्टमेंट में 8 फ्लोर बनाने की मंजूरी मिली है, लेकिन मौके पर 9वीं मंजिल का निर्माण होता दिखाई दे रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर अतिरिक्त मंजिल बनाने की अनुमति किसने दी?

स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण क्यों?
मामला सिर्फ एक अतिरिक्त मंजिल का नहीं है। अपार्टमेंट के दो ब्लॉक के बीच स्वीकृत नक्शे में 13.6 मीटर की दूरी बताई गई है, लेकिन मौके पर दोनों ब्लॉक को जोड़ने का निर्माण भी दिखाई दे रहा है।
अब सवाल यह है कि क्या इसके लिए नगर निगम से अनुमति ली गई है? अगर अनुमति नहीं मिली, तो निर्माण पर रोक क्यों नहीं लगाई गई? अपार्टमेंट में 190 कारों की पार्किंग का प्रावधान बताया गया है। ऐसे में यह भी देखना जरूरी है कि मौके पर पार्किंग की व्यवस्था स्वीकृत नक्शे के अनुसार बनाई जा रही है या नहीं।

नगर निगम की निगरानी पर सवाल
निर्माण के दौरान स्वीकृत नक्शे का पालन कराना नगर निगम की जिम्मेदारी है। ऐसे में सवाल उठता है कि भवन शाखा के अधिकारियों ने अब तक निर्माण की जांच की या नहीं?
क्या अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्वीकृत नक्शे और वास्तविक निर्माण का मिलान किया? यदि निर्माण में गड़बड़ी मिली है, तो अब तक क्या कार्रवाई की गई? तोरवा चौक स्थित इस अपार्टमेंट को लेकर उठे सवालों पर नगर निगम को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण हुआ है या नहीं, इसकी जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई जरूरी है।

शहर में बड़ी इमारतें बनें, विकास हो, लेकिन नियमों को पीछे छोड़कर नहीं। आठ फ्लोर की मंजूरी के बाद नौवीं मंजिल का निर्माण और दोनों ब्लॉक के बीच दूरी के मामले में अब नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी भी कुछ बोलने से बच रहे है और जांच कर कार्यवाही का लॉलीपॉप थमा कर अब तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं कर रहे है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि क्या रसूखदारों और आम लोगों के लिए न्यायधानी बिलासपुर में निगम के नियम अलग अलग है
