पहली बारिश में ही उखड़ने लगी ₹33.10 करोड़ की कुसमी–सामरी सड़क, दोबारा शुरू हुई मरम्मत
सड़क की गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर उठे सवाल, बॉक्साइट परिवहन से रिंग रोड भी जर्जर; भारत सम्मान में पहले भी प्रमुखता से प्रकाशित हो चुकी है सड़क की बदहाली




राहुल गुप्ता
डेस्क खबर कुसमी / बलरामपुर। कुसमी से सामरी जाने वाली सड़क की बदहाली एक बार फिर चर्चा में है। करीब 33 करोड़ 10 लाख रुपये की लागत से 16.60 किलोमीटर सड़क के उन्नयन का कार्य कराया गया था, लेकिन पहली बारिश के बाद ही जगह-जगह डामर उखड़ने की शिकायतें सामने आने लगीं। अब सड़क पर दोबारा पैच रिपेयरिंग कर गड्ढों को भरने का काम किया जा रहा है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की हालत जल्द खराब होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले भारत सम्मान समाचार पत्र में स्थानीय संवाददाता राहुल गुप्ता द्वारा कुसमी–सामरी सड़क की जर्जर स्थिति को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। इसके बावजूद सड़क की स्थिति को लेकर अब तक उठ रहे सवालों के बीच दोबारा मरम्मत का काम चर्चा में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सड़क का निर्माण हाल ही में कराया गया था, तो इतनी जल्दी उसकी मरम्मत की नौबत क्यों आ गई? निर्माण के दौरान गुणवत्ता की जांच किस स्तर पर हुई और वर्तमान में मरम्मत कार्य की निगरानी कौन कर रहा है, यह भी सवालों के घेरे में है।

सड़क की बेस और गुणवत्ता पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क कई स्थानों पर उखड़ रही है और वाहनों के गुजरने पर सड़क में झोल महसूस होता है। लोगों ने निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों का पालन किए जाने पर सवाल उठाए हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। कुछ स्थानों पर सड़क से धूल उड़ने की शिकायत भी सामने आ रही है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने और आवश्यक सुधार कार्य कराने की मांग की है।

मरम्मत कार्य के दौरान मौके पर संबंधित विभाग के इंजीनियरों की मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की मरम्मत केवल गड्ढे भरने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि खराब हो रहे हिस्सों के कारणों की जांच कर स्थायी समाधान किया जाना चाहिए, ताकि कुछ समय बाद फिर से वही स्थिति निर्मित न हो।

बॉक्साइट परिवहन से रिंग रोड भी बदहाल
कुसमी नगर की रिंग रोड भी दिन-रात चलने वाले भारी बॉक्साइट वाहनों के कारण जर्जर स्थिति में पहुंच गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भरने से राहगीरों और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी होती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गड्ढों के कारण बाइक सवारों के गिरकर घायल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
इससे पहले सड़क की बदहाली को लेकर ग्राम कंजिया के ग्रामीणों ने आंदोलन करते हुए बॉक्साइट परिवहन बंद करा दिया था। उस दौरान हिंडाल्को प्रबंधन और प्रशासन की ओर से सड़क बनवाने का आश्वासन दिए जाने की बात कही जाती है। हालांकि, बाद में गड्ढों में पत्थर और मुरुम भरकर मरम्मत कराई गई, लेकिन सड़क की स्थिति फिर खराब हो गई।
नगरवासियों का कहना है कि भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने रिंग रोड की स्थायी मरम्मत कराने और इसकी जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो दोबारा चक्काजाम और आंदोलन किया जा सकता है।
एसडीओ बोले—लौटने के बाद सड़क का निरीक्षण कराऊंगा
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के एसडीओ मो. केस आजम ने बताया कि उन्होंने हाल ही में प्रभार लिया है और अभी तक सड़क का निरीक्षण नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल वह अपनी माता जी के इलाज के लिए बाहर आए हुए हैं। वापस लौटने के बाद सड़क को दिखवाएंगे।
अब देखना होगा कि विभाग सड़क की गुणवत्ता और बार-बार हो रही मरम्मत के कारणों की जांच कराता है या नहीं। साथ ही, कुसमी–सामरी मार्ग और नगर की रिंग रोड की बदहाल स्थिति से लोगों को स्थायी राहत कब तक मिलती है।
