



डेस्क खबर बिलासपुर../ छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बिलासपुर प्रेस क्लब के पारंपरिक कार्यक्रम ‘हमर पहुना’ में अपने जीवन और राजनीतिक सफर से जुड़े कई अनकहे पहलुओं को साझा किया। मुंगेली जिले के लोहरिया गांव में बीता बचपन, छात्र राजनीति से शुरुआत और संगठन में मिली जिम्मेदारियों से लेकर प्रदेश की सत्ता में अहम भूमिका तक का सफर उन्होंने पत्रकारों के सामने रखा।
साव ने बताया कि उनका बचपन गांव के खेत-खलिहानों और पारंपरिक खेलों के बीच बीता। गिल्ली-डंडा और भौंरा उनके पसंदीदा खेल थे। बाद में मुंगेली में पढ़ाई के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ाव बढ़ा।
कॉलेज के दिनों में छात्र प्रतिनिधि के रूप में शुरुआत करने के बाद वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े और संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। एलएलबी की पढ़ाई पूरी कर वकालत शुरू की और बाद में उच्च न्यायालय में भी अलग-अलग दायित्व निभाए।
वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे। वर्ष 2022 में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बने और वर्ष 2023 में लोरमी से विधायक निर्वाचित होने के बाद उप मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाली।
कार्यक्रम में उन्होंने समाजसेवा से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। वर्ष 1996 में मुंगेली में रक्तदान जागरूकता और रक्त समूह जांच शिविर आयोजित कराया गया, जिसमें करीब 500 लोगों के रक्त समूह की जांच की गई। इसके अलावा नेत्र शिविरों में मरीजों की मदद और जरूरतमंदों के सहयोग से जुड़े कार्यों को भी उन्होंने याद किया।
‘हमर पहुना’ में अरुण साव ने अपने बचपन, संगठनात्मक अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर चर्चा की।
