डेस्क खबरबिलासपुर

खपरगंज बवाल में फरार आरोपी रामसिंह पन्ना से गिरफ्तार, बवाल के बाद 50 से ज्यादा लोगों पर केस, हिंदुवादी रामसिंह के समर्थकों और विरोधियों की बढ़ी बैचेनी ??



डेस्क खबर बिलासपुर../ शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में रक्षाबंधन की रात को खपरगंज में निजी विवाद से शुरू हुआ मामला पथराव और तोड़फोड़ तक पहुंच गया। हालात इतने बिगड़े कि पुलिस को भीड़ नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। इस घटना में कई लोगो सहित पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई थी। बिलासपुर एसएसपी के शानदार नेतृत्व और कलेक्टर के द्वारा प्रशासनिक तालमेल के कारण कुछ ही घंटों में हालात को पूरी तरह काबू में लेते हुए शहर से लेकर प्रदेश भर में चल रही लोगों के मन में चल रही की अनहोनी की आशंका पर पूरी तरह लगाम लगाते हुए स्थिति में नियंत्रण कर भी लिया था । एक तरफ पुलिस ने वीडियो और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की धरपकड़ तेज करते हुए सोहेल खान और उसके लोगो सहित रामसिंह गुट के कुछ लोगों को भी गिरफ्तार करने में सफलता पाई थी ।वही दूसरे गुट के मामले में फरार चल रहे आरोपी हिंदूवादी नेता रामसिंह ठाकुर को आखिरकार बिलासपुर पुलिस ने  करीब 28 दिन बाद लोकेशन ट्रेस कर मध्यप्रदेश के पन्ना जिले से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक रामसिंह पन्ना के माकरी कुठार गांव में अपने परिचित के घर छिपा था। पुलिस टीम ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 489/2026 दर्ज है। इस मामले में 50 से ज्यादा लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज होने की बात सामने आई है। पुलिस पहले ही 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
पथराव और तोड़फोड़ के बाद पुलिस को सख्ती करनी पड़ी। थाना परिसर और आसपास खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। घटना के बाद एक आरोपी के फरार होकर दूसरे जिले तक पहुंच जाने से पुलिस की निगरानी और सूचना तंत्र पर भी सवाल उठ रहे हैं। रामसिंह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने अब कई अहम सवाल हैं। घटना के समय वह कहां था? किन लोगों के संपर्क में था? विवाद बढ़ने में उसकी क्या भूमिका थी? और क्या निजी विवाद को बाद में सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश हुई?
इन सवालों का जवाब पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से ही सामने आएगा। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों की भूमिका अलग-अलग जांची जा रही है और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी। खपरगंज मामले में अब सिर्फ गिरफ्तारियों का आंकड़ा नहीं, बल्कि यह भी देखना होगा कि विवाद हिंसा तक पहुंचा कैसे और कानून-व्यवस्था की स्थिति वहां तक पहुंचने से पहले पुलिस की रोकथाम व्यवस्था कितनी प्रभावी रही। वही रामसिंह की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही रामसिंह के समर्थकों और विरोधियों की भी बेचैनी बढ़ गई है और सभी उत्सुक है कि पुलिस का इस मामले में क्या कार्यवाही करती है । फिलहाल पुलिस आरोपी रामसिंह को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश करने की तैयारी में जुटी है।

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