डेस्क खबर

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद NDPS मामले में
पुलिस जांच पर उठे सवालों के बीच मानवाधिकार आयोग का बड़ा दखल—SSP रजनेश सिंह को 8 सप्ताह की डेडलाइन, पीड़ित परिवार को साथ रखकर कार्रवाई के निर्देश! चर्चित ASI शैलेंद्र सिंह का विवादों से है पुराना नाता !!



डेस्क खबर बिलासपुर../ प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर के सरकंडा थाने में दर्ज  NDPS मामले में पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर उठे सवाल अब और गंभीर मोड़ पर पहुंच गए हैं। हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी मामले में एंट्री कर ली है। आयोग ने शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामले को कार्रवाई के लिए बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के पास भेजा है। NHRC के पत्र में साफ निर्देश दिए गए हैं कि शिकायत पर उचित कार्रवाई 8 सप्ताह के भीतर की जाए। इतना ही नहीं, आयोग ने कार्रवाई के दौरान शिकायतकर्ता/पीड़ित को साथ रखने और की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें देने के निर्देश भी दिए हैं।


एक के बाद एक सख्त कदम, अब जवाबदेही की बारी
मामले में पहले हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए। इसके बाद अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की निगरानी वाली कार्रवाई ने पूरे प्रकरण को और संवेदनशील बना दिया है। अब जांच महज एक पुलिस केस नहीं रह गई है, बल्कि जांच की निष्पक्षता, पारदर्शिता और पीड़ित पक्ष की भूमिका भी सवालों के केंद्र में है।
NHRC के निर्देश के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि मामले में कार्रवाई निष्पक्ष तरीके से और निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरी हो।


पीड़ित परिवार की मौजूदगी में होगी कार्रवाई, हर कदम पर नजर
आयोग ने शिकायतकर्ता/पीड़ित को कार्रवाई में साथ रखने का निर्देश दिया है। इसका सीधा मतलब है कि अब पीड़ित पक्ष की शिकायत और उसके पक्ष को नजरअंदाज कर आगे बढ़ना आसान नहीं होगा। आयोग ने कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को देने के लिए भी कहा है।
8 सप्ताह की यह समय-सीमा अब पूरे मामले में सबसे अहम पड़ाव बन गई है।


हाईकोर्ट के बाद NHRC—अब जांच पर उठने वाले हर सवाल का देना होगा जवाब
एक तरफ हाईकोर्ट का सख्त रुख, दूसरी तरफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का हस्तक्षेप और बीच में अपने पक्ष में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद लगाए पीड़ित परिवार—NDPS मामले में घटनाक्रम लगातार गंभीर होता जा रहा है।
अब निगाहें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह की कार्रवाई पर हैं। सवाल सिर्फ कार्रवाई का नहीं, बल्कि यह भी है कि क्या जांच निष्पक्ष होगी, क्या पीड़ित परिवार को पूरा अवसर मिलेगा और क्या 8 सप्ताह की तय समय-सीमा में आयोग के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई पूरी होगी?


फिलहाल NHRC की एंट्री ने इस NDPS मामले की जांच पर जवाबदेही की नई लकीर खींच दी है। अब 8 सप्ताह की घड़ी शुरू हो चुकी है और सबकी नजर पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी है गौरतलब है कि सहायक सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है और उनके खिलाफ सिविल लाइन में भी गंभीर मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी और कई मामलों में इनको लाइन अटैच भी किया जा चुका है और इस मामले में भी उनके ऊपर बदले की भावना से महिला को झूठे प्रकरण में फंसाने के आरोप पीड़िता के परिजनों ने लगाए है।

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