
डेस्क खबर बिलासपुर ../ देश की राजधानी नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के अति विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, लंबे समय से चल रहा इंतजार अब समाप्त होने की कगार पर है। आगामी 14 अगस्त 2025 को छत्तीसगढ़ में मंत्री परिषद का विस्तार और पुनर्गठन होने जा रहा है। इस बदलाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और नेताओं के बीच बैठकों का दौर जारी है।
सूत्रों के अनुसार, इस पुनर्गठन में सरगुजा संभाग के दो मंत्रियों को पद से हटाए जाने की संभावना है। साथ ही कुछ नए चेहरों को मंत्रीमंडल में शामिल किया जाएगा। जो नाम अब तक सामने आए हैं, उनमें अंबिकापुर से राजेश अग्रवाल, दुर्ग से गजेंद्र यादव, बस्तर संभाग से सुश्री लता उसेंडी, और रायपुर शहर से पुरंदर मिश्रा के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं। एक और मंत्री का नाम फिलहाल तय नहीं हो पाया है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही नई दिल्ली से उसका भी अनुमोदन मिल जाएगा। वहीं बिलासपुर जिले से अभी शहर विधायक और दिग्गज नेता आम्र अग्रवाल का नाम भी मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है ऐसे इनपुट मिल रहे है ।
बताया जा रहा है कि यह पुनर्गठन हरियाणा पैटर्न पर किया जाएगा, जिसमें क्षेत्रीय संतुलन और जातीय समीकरणों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही संगठन और सरकार के बीच तालमेल को मजबूत करने पर भी जोर होगा। सूत्रों का कहना है कि इस फेरबदल में वरिष्ठता, अनुभव और राजनीतिक योगदान को प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, अंतिम समय में बदलाव की पूरी संभावना है। दिल्ली और रायपुर के राजनीतिक सूत्र इस प्रक्रिया पर लगातार नजर रखे हुए हैं। अगर किसी तरह का संशोधन होता है, तो इसकी आधिकारिक जानकारी भी जल्द ही साझा की जाएगी।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में यह फेरबदल न केवल सत्ता समीकरण को प्रभावित करेगा, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति के संकेत भी देगा। अब निगाहें 14 अगस्त पर टिकी हैं, जब तस्वीर पूरी तरह साफ होगी।

