

डेस्क खबर छत्तीसगढ़../ कथित कथावाचक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस पूरे विवाद पर अब मंत्री राजेश अग्रवाल का बड़ा बयान सामने आया है। मंत्री ने कहा कि कार्यक्रम के आयोजन के लिए फर्जी “भारतीय नमो सेवा दल” नामक संस्था द्वारा आवेदन दिया गया था। मंत्री का कहना है कि पर्यटन विभाग ऐसे किसी आयोजन के लिए किसी भी प्रकार की राशि उपलब्ध नहीं करवाता है । और ना ही कथा में वे और उनके परिवार का कोई भी सदस्य सम्मिलित भी नहीं हुआ था और उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप निराधार और इस मामले से उनका कोई लेनादेना नहीं है ।मंत्री राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि कथित कथावाचक की ओर से कार्यक्रम के लिए करीब 15 लाख रुपये की मांग की गई थी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के लिए सरकारी धनराशि उपलब्ध कराना संभव नहीं है। नियमों के अनुसार पहले अधिकारी मौके पर जाकर कार्यक्रम की स्थिति और व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हैं, उसके बाद ही किसी प्रकार की राशि स्वीकृत की जाती है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रक्रिया पूरी होने के बाद राशि स्वीकृत होती तो ठीक था, लेकिन सीधे तौर पर इतनी बड़ी रकम देना संभव नहीं था। मंत्री का कहना है कि जब पैसा नहीं मिला तो कथावाचक की ओर से वीडियो जारी कर दबाव बनाने की कोशिश की गई। हालांकि मंत्री ने यह भी कहा कि मामला आस्था और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है, इसलिए फिलहाल इस पर कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है । जिसमें कथावाचक ने सोशल मीडिया के माध्यम से वीडियो जारी मंत्री राजेश अग्रवाल पर कथा का पैसा नहीं देने का आरोप लगाते हुए पेसो की मांग की थी और नहीं मिलने पर आत्मदाह की धमकी दी थी ।