डेस्क खबर

जेल की जगह अस्पताल में ‘वीआईपी ट्रीटमेंट’: कोर्ट आदेश के बावजूद 6 दिन अलग कमरे में रहा बंदी, मोबाइल चलाते आरोपी कैमरे में हुआ कैद .!!

*दबदबा था, दबदबा है, दबदबा रहेगा.* *"विश्व पटल पर फिर लहराया तिरंगा"* *#T20WorldCup2026Final में भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा न्यूजीलैंड के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज कर विश्व विजेता बनने पर भारतीय क्रिकेट टीम के सभी खिलाड़ियों एवं समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।*




डेस्क खबर ../ न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एक बंदी को जेल भेजने के बजाय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कथित तौर पर वीआईपी सुविधाएं देने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार चेक बाउंस मामले में आरोपी को 6 मार्च को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि अदालत के आदेश के अनुसार उसे सीधे जेल दाखिल किया जाना था। सूत्रों का कहना है कि अस्पताल में बंदी को सामान्य मरीजों की तरह जनरल वार्ड में रखने के बजाय अलग कमरे में ठहराया गया। इतना ही नहीं, इस दौरान वह आराम से मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए भी कैमरे में नजर आया। जबकि नियमों के मुताबिक सामान्य बीमारी की स्थिति में बंदियों को जनरल वार्ड में भर्ती किया जाता है और केवल गंभीर हालत में ही उन्हें आईसीयू में रखा जाता है। इस मामले से जुड़ा भी विडियो सामने आया है जहां आरोपी आराम से पुलिसकर्मी के सामने मोबाइल में बातचीत करता नजर आ रहा है


बताया जा रहा है कि आरोपी न तो गंभीर रूप से बीमार था और न ही उसे आईसीयू में रखा गया, फिर भी उसे अलग कमरे में रखने की व्यवस्था कर दी गई। मामले के सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। कोरबा जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. गोपाल कंवर ने पूरे मामले की जांच कराने की बात कही है। वहीं कोरबा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद आरोपी को जेल में दाखिल करा दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक इस बीच आरोपी को जमानत भी मिल चुकी थी, लेकिन नियमों के अनुसार जेल में आमद के बाद ही जमानत की प्रक्रिया पूरी की जा सकती थी। सूत्र दावा करते है कि आरोपी के रसूख के चलते उसे तब तक जेल के जगह मेडिकल के नाम पर अस्पताल में रखा गया जब तक उसे जमानत न मिल जाए । फिलहाल एक वीडियो ने vip ट्रिमिमेंट की पोल खोल दी और आरोपी जेल पहुंच गया ।

error: Content is protected !!