

डेस्क खबर…/ छत्तीसगढ़ मे कांग्रेस की भूपेश सरकार मे हुए सीजीपीएससी घोटाले की जांच मे CBI जाँच मे चौकाने वाले खुलासे हुए है। CBI पूछताछ मे इस घोटाले मे शामिल लोगो ने पूरे मामले मे हैरान करने वाले राज खोले है, CBI ने हाल ही में इस घोटाले में शामिल कई आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की और अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। बताया जा रहा है कि यह घोटाला कांग्रेस सरकार के दौरान हुआ था, जब भूपेश बघेल मुख्यमंत्री थे। इस घोटाले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। डिप्टी कलेक्टर बनने के लिए 1 करोड़ रुपये तक की डील होती थी, वहीं तहसीलदार, डीसीपी और अन्य पदों के लिए अलग-अलग रेट तय किए गए थे। अब तक 6 आरोपियों ने जांच में कई राज उगले हैं, जिससे जल्द ही बड़ी गिरफ्तारियों की उम्मीद की जा रही है।
CBI ने 16 अप्रैल को रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर समेत कई शहरों में छापे मारे। मुख्य आरोपी महासमुंद निवासी डॉ. विकास चंद्राकर और रायपुर के उत्कर्ष चंद्राकर हैं, जिन्होंने 2022 की सीजीपीएससी मेन्स परीक्षा का पेपर सॉल्वर को उपलब्ध कराया था। ये दोनों आरोपी दलाली के माध्यम से अधिकारियों तक पैसे पहुंचाने का काम करते थे। रायपुर की सक्सेस एकेडमी के संचालक धर्मेंद्र साहू और परितोष जायसवाल इस पूरे रैकेट में सॉल्वर के रूप में सक्रिय थे। वे महासमुंद के एक रिसॉर्ट में परीक्षार्थियों से पर्चा हल करवाते थे और उन्हें तैयारी कराते थे। वहीं, राहुल हरपाल ने लॉजिस्टिक्स की जिम्मेदारी संभाली हुई थी जो परीक्षार्थियों को होटल से परीक्षा केंद्र ले जाना, उनके ठहरने की व्यवस्था करता था । सीबीआई को मिले दस्तावेजों से यह साफ है कि पूरा नेटवर्क काफी योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा रहा था। और लाखों करोडो रु लेकर इस घोटाला को अंजाम दिया जा रहा था।