
डेस्क बिलासपुर – स्व. कमल किशोर अग्रवाल की पुण्य स्मृति में लगातार 41वें वर्ष भी कृष जन्माष्टमी पर करोना चौक में परंपरागत मलखंभ मटकी प्रतियोगिता का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ हुआ। इस अवसर पर क्षेत्रीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और कार्यक्रम का आनंद उठाया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि संजय दुबे, चेयरमैन सीएमडी कॉलेज, एवं विशेष अतिथि सराफा संघ अध्यक्ष कमल सोनी व विजय गुप्ता ने की। अतिथियों ने भगवान श्री कृष्ण की तस्वीर पर पूजा अर्चना कर रिबन काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान आतिशबाज़ी ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। समिति के सदस्यों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर मुख्य अतिथि का स्वागत किया।

मुख्य अतिथि संजय दुबे ने अपने उद्बोधन में आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह परंपरा समाज को एकजुट करती है। उन्होंने घोषणा की कि जो प्रतिभागी ग्रीस लगे खंभे की मटकी फोड़ेगा, उसे उनके महाविद्यालय में स्नातकोत्तर तक की पढ़ाई निःशुल्क कराई जाएगी।

प्रतियोगिता में युवाओं ने पारंपरिक खेल मलखंभ में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। देर रात तक चले इस रोमांचक आयोजन में मटकी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद ही फूटी। पहले कई प्रतिभागियों ने प्रयास किया, लेकिन अंततः जरहाभाठा के आर्यन यादव, यश यादव और संगम दुबे ने मिलकर मटकी फोड़ अपनी जीत सुनिश्चित की।

इस अवसर पर बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएँ देते हुए गीता के उपदेशों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया और आयोजन की परंपरा को समाज की एकता का प्रतीक बताया। वहीं सुशांत शुक्ला ने इस मौके पर अपनी मौजूदगी में मटकी फोड़ने पर विजेता को एक लाख रु नगद इनाम देने के घोषणा की ।
समापन अवसर पर कांग्रेस नेता अनिल टाह ने विजेताओं को समिति की ओर से इक्कीस हजार रुपये नकद, शिल्ड और उपहार प्रदान किए। आयोजन को सफल बनाने में अजित मिश्रा, बसंत शर्मा, लक्की यादव, रोनित राय सहित कई कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।

यह आयोजन न केवल खेल भावना को प्रोत्साहित करता है, बल्कि समाज में भाईचारे और सांस्कृतिक परंपराओं को भी जीवंत बनाए रखने का संदेश देता है। गौरतलब है कि सदर बाजार के व्यापारियों द्वारा रात 12 बजे तक मटकी तोड़ने पर लाखों रु के आकर्षक उपहार की घोषणा की जाती है लेकिन उसके बाद भी कई दशकों से चल रही इस प्रतियोगिता में अब तक कोई अकेले मटकी नहीं फोड़ पाया है।

