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काँटे की सीट तखतपुर में क्या अंतिम समय में हुआ था खेल ? क्या धन की धमक से होगा हार और जीत का फैसला ?
3 दिसम्बर के रिजल्ट पर टिकी सबकी निगाहें ।

दिलीप तोलानी की कलम से

तखतपुर।छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के परिणाम को लेकर अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है । प्रतिदिन बदलते समीकरण के बीच अलग अलग सीटों पर परिणाम के उम्मीदों में भी बदलाव हो रहा है । अब बात हाई प्रोफाइल सीट तखतपुर की । हाईप्रोफाइल सीट होने के कारण यहाँ दो दिग्गजों का मुकाबला रोचक बनता जा रहा है । शहरी एवं ग्रामीण सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यहां शहर व गांव की रिपोर्ट अलग-अलग बताई जा रही है । यहां दोनों ही राजनीतिक दल अपने अपने भाग्य को बाहुबल पर भरोसा कर रहे हैं । सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कांग्रेस पार्टी की ओर से अनेक ऐसे भी चेहरे हैं जो साइलेंट रहकर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया और अपने क्षमता के अनुसार कार्य नहीं किया । इसके अलावा कई ऐसे भी कांग्रेसी रहे जिन्होंने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पाला बदलते हुए काम किया है । वहीं जानकारी यह भी मिल रही है कि कुछ लोग कांग्रेस की बी टीम बनाकर खुलकर भाजपा का साथ दिया है । ये विरोधी का झंडा ऊंचा करते हुए बदलाव की राजनीति की साम दाम दंड भेद की नीति अपनाये हैं । अब दोनों ही तरफ के बीच खूब नूरा कुश्ती की स्थिति देखी गई है,जिसका परिणाम कुछ अलग अंदाज में मिक्स होते देखने को मिल रहा है ।


किसी क्षेत्र का परिणाम एक पक्ष की तरफ अधिक दिखता है तो वहीं दूसरे क्षेत्र का परिणाम दूसरी ओर ज्यादा नजर आता है । पुख्ता सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक मतदान के आखिरी दिनों में धन वर्षा की कवायद भी खूब की गई । धनबल का परिणाम किस ओर जाता है यह रिजल्ट के दिन ही पता चलेगा। लोगों की जबान पर कोई एक निश्चित नाम नहीं आ पा रहा है । चुनावी परिणाम बहुत कुछ बागी व दागी लोगों पर निर्भर करता है,जिन्होंने अपना खेल दिखा दिया है ।


पुख्ता सूत्र बताते हैं कि एक बड़े 90 पदीय मठाधीशों की चुनाव में एक अहम भूमिका रही है, जिन्होंने एक पार्टी को सत्ता को आशंका पर एक विशेष पार्टी के पक्ष में पूरी निष्ठा ,ताकत और लगन के साथ कार्य किया और मतदाताओं को रिझाने और खुश करने के लिए अपने-अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में जमकर धनवर्षा की ।
सूत्र बताते है कि विशेष प्रत्याशी के लिए अंतिम रात ( कत्ल की रात ) को गई इस धनवर्षा ने प्रत्याशी के लिए संजीवनी बूटी देने का काम किया है । सूत्र तो यह बताते है कि इन 90 पदीय लोगों के ऊपर पूरी निगरानी रखी गई और इसके कुछ ना के बराबर विश्वासघाती लोगो की लिस्ट तैयार हो चुकी है,जिनके भविष्य का फैसला परिणाम आने के बाद लिया जाएगा । फिलहाल हाईप्रोफाइल सीट में हुए चुनाव में एन वक्त में हुई धनवर्षा का कितना असर पड़ेगा यह तो 3 दिसंबर को सामने आ ही जाएगा,लेकिन जानकारों का भी मानना है कि अंतिम रात में किया गया श्रमदान और धनदान हार और जीत पर सबसे बड़ा फैक्टर साबित होगा ।