
डेस्क खबर बिलासपुर /तखतपुर../ दीपावली पर पटाखों की दुकानों में सुरक्षा को लेकर लापरवाही सामने आ रही है। तखतपुर के बालक हाईस्कूल परिसर में लगी अस्थायी पटाखा दुकानों के निरीक्षण में कई खामियां मिलीं। बांस और कपड़े से बने पंडालों में पटाखों की बिक्री हो रही है, लेकिन आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। इस स्थिति ने बिलासपुर जिले में भी लगी पटाखा दुकानों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बुधवार को एसडीएम नारायण प्रसाद गबेल, एसडीओपी नूपुर उपाध्याय, तहसीलदार एस.एस. शुक्ला और थाना प्रभारी सतीश साहू ने तखतपुर के पटाखा बाजार का निरीक्षण किया। इस दौरान कई दुकानों में सुरक्षा के इंतजाम अधूरे मिले।
दुकानें सटीं, आग फैलने का खतरा
निरीक्षण में सामने आया कि लगभग सभी दुकानों का निर्माण बांस और कपड़े से किया गया है। दुकानें एक-दूसरे के काफी करीब हैं। ऐसे में किसी एक दुकान में आग लगने पर दूसरी दुकानों तक आग पहुंचने का खतरा बना हुआ है।
बाजार में पर्याप्त पानी, चेतावनी बोर्ड और आग बुझाने के उपकरण भी नहीं मिले। कुछ दुकानदारों के पास ही पांच किलो क्षमता वाले अग्निशमन यंत्र उपलब्ध थे।
बिलासपुर जिले की दुकानों पर भी नजर जरूरी
तखतपुर में सुरक्षा व्यवस्था की खामियां सामने आने के बाद बिलासपुर जिले के अन्य स्थानों पर लगी अस्थायी पटाखा दुकानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। दीपावली पर बड़ी संख्या में लोग पटाखे खरीदने बाजार पहुंचते हैं। ऐसे में दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी, आग बुझाने के उपकरण और आपातकालीन व्यवस्था होना जरूरी है।
सवाल यह है कि क्या जिले के सभी पटाखा बाजारों में सुरक्षा नियमों का पालन हो रहा है? क्या दुकानों की नियमित जांच की जा रही है? तखतपुर में मिली खामियों के बाद अन्य बाजारों का निरीक्षण भी जरूरी हो गया है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने दुकानदारों को फटकार लगाई और सभी खामियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। एसडीओपी नूपुर उपाध्याय ने भी स्पष्ट किया कि पटाखों की बिक्री से पहले सुरक्षा नियमों का पालन करना जरूरी है। नियमों की अनदेखी करने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तखतपुर में पहले भी पटाखों के अवैध भंडारण स्थल पर आगजनी की घटना हो चुकी है। ऐसे में पुराने हादसों से सबक लेना जरूरी है। पटाखा बाजार में सुरक्षा की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रशासन को तखतपुर के साथ-साथ बिलासपुर जिले के सभी पटाखा बाजारों की जांच कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि दीपावली पर खुशियों के बीच किसी परिवार को हादसे का दर्द न झेलना पड़े।
