डेस्क खबर

छत्तीसगढ़ में EOW-ACB का महा एक्शन.. कोल लेवी और CSMCL घोटाले की जांच में प्रदेश के कई शहरों में एक साथ छापेमारी, कारोबारियों और रसूखदारों में मचा हड़कंप। देखिए नामों की पूरी लिस्ट !!



डेस्क खबर ../ छत्तीसगढ़ में आज सुबह EOW और ACB की संयुक्त टीम ने एक साथ कई जिलों में दबिश दी। रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, गरियाबंद, राजिम, बिलासपुर और कोरबा में छापेमार कार्रवाई की गई।राजनांदगांव में कारोबारी जय बग्गा और वैभव गोलछा के ठिकानों पर टीम ने जांच की।गोबरा नवापारा और राजिम में कारोबारी विमल पारख और राजा पारख से जुड़े शांति विजय और नवकार ज्वेलर्स में छापेमारी की गई।भिलाई-3 में ट्रांसपोर्टर जितेंद्र सिंह के ठिकानों पर दबिश दी गई। उनके रिश्तेदार संतोष सिंह से भी पूछताछ की गई।बिलासपुर के उसलापुर स्थित अलका एवेन्यू में कोयला कारोबारी शाहबाज खान के निवास पर टीम ने दस्तावेज खंगाले।वहीं कटघोरा में नगर पालिका अध्यक्ष राज जायसवाल और नगर सैनिक दिलीप केंवट के ठिकानों पर भी EOW की टीम पहुंची।
प्रदेशभर में एक साथ हुई इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है। फिलहाल अलग-अलग ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच जारी है। जांच एजेंसी की विस्तृत आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
छत्तीसगढ़ में चर्चित शराब, कोल लेवी और मेडिकल घोटालों को लेकर आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो यानी EOW ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। 30 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के छह जिलों में कुल 16 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।EOW की ओर से जारी अधिकृत प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, शराब घोटाले से जुड़े मामले में रायपुर और राजनांदगांव के 6 ठिकानों पर तलाशी ली गई। वहीं कोल लेवी घोटाले में कोरबा, बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग के 6 स्थानों पर जांच टीम पहुंची। इसके अलावा मेडिकल घोटाले से जुड़े मामले में रायपुर और गरियाबंद के 4 ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई की गई।
तलाशी के दौरान जांच एजेंसी ने वित्तीय अनियमितताओं, कथित अवैध लेन-देन और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, संपत्तियों की रजिस्ट्री के कागजात, डिजिटल उपकरण और अन्य साक्ष्य एकत्रित किए हैं।
EOW का कहना है कि तलाशी में मिले नए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर पहले से स्थापित साक्ष्य की कड़ियों को और मजबूती मिलने की संभावना है। फिलहाल दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का सूक्ष्म परीक्षण किया जा रहा है।लेकिन इस पूरी कार्रवाई में एक अहम सवाल अब भी बरकरार है।
EOW ने 16 ठिकानों पर तलाशी की जानकारी तो सार्वजनिक कर दी, लेकिन अब तक यह स्पष्ट नहीं किया कि कार्रवाई में कितनी नकदी, कितनी संपत्ति या अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई है। किन लोगों से पूछताछ हुई और क्या किसी आरोपी की गिरफ्तारी भी हुई है? अब देखना होगा कि दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद इन तीनों बड़े घोटालों में जांच एजेंसी की अगली कार्रवाई क्या होती है और क्या जांच का दायरा अब बड़े चेहरों तक पहुंचेगा?

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