



डेस्क खबर छत्तीसगढ़./जिन पुलिसकर्मियों के कंधों पर कानून और सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वही अगर ड्यूटी के दौरान नशे में जमीन पर सोते मिलें, तो सवाल उठना लाजिमी है। अंबिकापुर के नए बस स्टैंड से सामने आए एक वायरल वीडियो ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है।मामला दुर्ग जिले के दो पुलिसकर्मियों का है, जिन्हें मुलजिम पेशी की ड्यूटी पर 17 अक्टूबर को सरगुजा जिले भेजा गया था। आरोप है कि दोनों जवान शराब के नशे में धुत होकर जमीन पर सो रहे थे। सबसे गंभीर बात यह रही कि उनके पास सरकारी INSAS राइफल लावारिस हालत में मिली।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सहायक उपनिरीक्षक जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में दोनों को रक्षित केंद्र, दुर्ग में संबद्ध किया गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए रक्षित निरीक्षक को पांच दिन के भीतर प्रारंभिक जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

अब सवाल यह है कि जिस ड्यूटी में हथियार और सुरक्षा की जिम्मेदारी सबसे अहम थी, वहां ऐसी लापरवाही कैसे हुई? क्या दोनों जवानों ने ड्यूटी के नियमों का उल्लंघन किया और सरकारी हथियार को असुरक्षित छोड़ दिया? इन सवालों के जवाब जांच रिपोर्ट से सामने आएंगे।
फिलहाल, वीडियो वायरल होने के बाद हुई निलंबन की कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि वर्दी पहनने के साथ जिम्मेदारी भी निभानी पड़ती है।
