

डेस्क खबर बिलासपुर../ एक बार फिर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किसान की जमीन की रजिस्ट्री बिलासपुर के लोगो के नाम पर रजिस्ट्री करने का गंभीर मामला सामने आया है ।मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र से जमीन जालसाजी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि एक किसान अपनी 1.88 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करता रहा और इसी दौरान जालसाजों ने फर्जी आधार कार्ड तथा डमी व्यक्ति के माध्यम से उसकी जमीन की रजिस्ट्री करा ली। पीड़ित किसान ने स्थानीय पुलिस पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक से न्याय की गुहार लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करने की मांग की है ।

पुलिस रेंज के आईजी से लिखित शिकायत के अनुसार ग्राम दरूवनकांपा निवासी 41 वर्षीय अरूण कुमार चेलकर की ग्राम मदकू, पटवारी हल्का नंबर 39 में स्थित भूमि (खसरा क्रमांक 345/1, 345/4, 354) 14 नवंबर 2025 को कथित रूप से फर्जी तरीके से पंजीकृत कर दी गई। किसान का कहना है कि उन्होंने यह जमीन न तो बेची है और न ही किसी को विक्रय के लिए अधिकृत किया। वे वर्तमान में भी उक्त भूमि पर खेती कर रहे हैं।

मामले का खुलासा तब हुआ जब अतिरिक्त तहसीलदार न्यायालय से नामांतरण के लिए जारी ईश्तहार की जानकारी 31 जनवरी 2026 को उन्हें मिली। इसके बाद वे तत्काल तहसील कार्यालय पहुंचे और लिखित आपत्ति दर्ज कराई। शिकायत में आरोप है कि रजिस्ट्री कार्यालय में असली अरूण कुमार की जगह किसी अन्य व्यक्ति को फर्जी आधार कार्ड के साथ प्रस्तुत किया गया। जमीन को बिलासपुर निवासी कृष्ण नाथानी, रवि मोटवानी और सचिन पारवानी के नाम पंजीकृत किया गया बताया गया है। रजिस्ट्री प्रक्रिया में मध्य प्रदेश के सागर जिले से दो व्यक्तियों को गवाह के रूप में पेश किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
मामले में सरगांव थाना की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि पर्याप्त दस्तावेज, ई-स्टाम्प की प्रति और आधार कार्ड की प्रतियां सौंपने के बावजूद अब तक अपराध दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आशंका जताई है कि बिना विभागीय मिलीभगत के इतनी बड़ी जालसाजी संभव नहीं है। फिलहाल पीड़ित ने राजस्व अधिकारियों सहित पुलिस विभाग से उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।



