डेस्क खबर

NTPC सीपत में राखड़ परिवहन का कथित बड़ा खेल! वासने के तबादले के बाद भी सवाल बरकरार*

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डेस्क खबर *फर्जी बिल्टी, वाहन नंबरों में हेरफेर, GPS ट्रैकिंग और भुगतान में गड़बड़ी के आरोप; पांच माह से आंदोलनरत जनप्रतिनिधियों ने मांगी CBI जांच*
बिलासपुर- NTPC सीपत में फ्लाई ऐश (राखड़) परिवहन को लेकर कथित अनियमितताओं का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। फर्जी बिल्टी, वास्तविक दूरी से अधिक परिवहन दर्शाने, वाहन नंबरों में कथित हेरफेर, GPS ट्रैकिंग और भुगतान में गड़बड़ी की शिकायतों के बीच AGM अनंत वासने के बिहार स्थानांतरण के बाद भी जांच की मांग तेज है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि केवल तबादले से मामला समाप्त नहीं होगा, बल्कि निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करना जरूरी है।
*प्रमुख आरोपों में क्या-क्या शामिल?*

*500 से 1,000 किलोमीटर तक की बिल्टी: शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आसपास के क्षेत्रों में राखड़ आपूर्ति के बावजूद रिकॉर्ड में लंबी दूरी का परिवहन दर्शाया गया। खैरा, गतौरा, पंधी, मोपका और अकलतरा सहित संबंधित स्थानों के वास्तविक मार्ग और डिलीवरी रिकॉर्ड की जांच की मांग है*



*एक वाहन, कई नंबर: एक ही वाहन को कथित तौर पर 15 से 25 अलग-अलग नंबरों से ट्रिप में दर्ज करने की आशंका जताई गई है। आंदोलनकारियों ने वाहन पंजीयन, चेसिस नंबर, ट्रिप शीट और बिल्टी का मिलान कराने की मांग की है*

*GPS ट्रैकिंग में कथित गड़बड़ी: आरोप है कि चारपहिया वाहन के माध्यम से कथित गंतव्य की लोकेशन दर्ज कराकर भारी वाहनों के परिवहन की ट्रैकिंग में हेरफेर किया जाता था। GPS डेटा और वास्तविक वाहन आवाजाही की तकनीकी जांच की मांग की गई है*

*60 से 80 टन राखड़ का हिसाब: शिकायतकर्ताओं ने भारी वाहनों में राखड़ की मात्रा, वे-ब्रिज रिकॉर्ड, लोडिंग रजिस्टर और अंतिम डिलीवरी का मिलान कराने की मांग की है*

*टोल रसीद और FASTag: लंबी दूरी के दावों की पुष्टि के लिए टोल प्लाजा रिकॉर्ड, FASTag लेन-देन, वाहन नंबर और यात्रा के समय की जांच की मांग उठी है*

*बैंक खाते और कथित लेन-देन: आंदोलनकारियों ने संबंधित ट्रांसपोर्टरों के बैंक खातों और परिवहन भुगतान की जांच की मांग की है। उन्होंने कथित तौर पर 50 प्रतिशत हिस्सेदारी दिए जाने का आरोप भी  है*

*CDR की जांच: शिकायतकर्ताओं की मांग है कि पर्याप्त आधार मिलने पर सक्षम कानूनी प्रक्रिया के तहत संबंधित ट्रांसपोर्टरों और अनंत वासने के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच कर कथित संपर्कों और संभावित मिलीभगत की पड़ताल की गंभीरता सें कि जाए*

*पांच माह से आंदोलन, कार्रवाई पर सवाल*

क्षेत्र क्रमांक-8 के जनपद सदस्य रेवा शंकर साहू, गतौरा के पूर्व सरपंच एवं वर्तमान सरपंच प्रतिनिधि नरेंद्र वस्त्रकार सहित अन्य ग्रामीणों के अनुसार, वे ग्राम सुखरीपाली के ठाकुरदेवा के पास करीब पांच माह से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं। उनका दावा है कि NTPC सतर्कता विभाग और संबंधित अधिकारियों तक शिकायतें पहुंचाने के बावजूद उन्हें ठोस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली।
आंदोलनकारियों ने NTPC प्रबंधन, सतर्कता विभाग
NHAI और बिलासपुर RTO की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए परिवहन टेंडर, कार्यादेश, बिल्टी, GPS रिकॉर्ड, टोल भुगतान और बैंक लेन-देन की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
*तबादला नहीं, CBI जांच से तय हो जवाबदेही*
AGM अनंत वासने के बिहार स्थानांतरण के बाद आंदोलनकारियों ने CBI जांच की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी के कार्यकाल में यदि कोई अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने लाई जाए। आंदोलनकारियों ने छत्तीसगढ़ स्थित CBI कार्यालय और नई दिल्ली मुख्यालय तक शिकायत पहुंचाने की तैयारी की बात कही है।
*अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिल्टी, वाहन नंबर, GPS, टोल रिकॉर्ड और भुगतान का मिलान कब होगा?*
यदि आरोपों में तथ्य हैं, तो संबंधित अधिकारियों, परिवहनकर्ताओं और अन्य जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई कि जानी चाहिए और भ्रष्ट अधिकारी के खिलाफ कड़ाई  सें कार्यवाही होनी  चाहिए।

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