



डेस्क खबर बिलासपुर। बिलासपुर में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान, निर्बाध बिजली आपूर्ति और शहर के विकास के लिए केंद्र सरकार से अधिक फंड लाना प्राथमिकता होनी चाहिए। दोबारा विधायक बनने का मौका मिला तो इन मुद्दों पर काम करूंगा। यह बात पूर्व विधायक शैलेष पांडेय ने रविवार को बिलासपुर प्रेस क्लब के कार्यक्रम ‘हमर पहुना’ में कही।
राघवेंद्र राव सभा भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पांडेय ने शहर के विकास, एयरपोर्ट विस्तार, अरपा नदी संरक्षण, शिक्षा और बिजली व्यवस्था सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके लिए पद से ज्यादा महत्वपूर्ण काम है। किसी नेता को मंत्रिमंडल में जगह मिलने या नहीं मिलने से बिलासपुर का राजनीतिक महत्व कम नहीं होता।
एयरपोर्ट विस्तार के लिए उठाई थी आवाज
बिलासपुर एयरपोर्ट की सुविधाओं और उड़ानों के विस्तार पर पांडेय ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था। एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग और उड़ान सेवाओं के विस्तार के लिए प्रयास किए गए। उन्होंने एयरपोर्ट का नाम बिलासा देवी केंवटीन एयरपोर्ट रखने के लिए विधानसभा में संकल्प लाने का भी उल्लेख किया।
अरपा नदी शहर की पहचान
पांडेय ने अरपा नदी को बिलासपुर की पहचान बताते हुए इसके संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नदी में पानी बनाए रखने, जल निकासी सुधारने और बारिश में होने वाले जलभराव से निपटने के लिए स्थायी योजना जरूरी है। शहर के विकास के लिए सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना चाहिए।
सोलर सिस्टम के बाद भी हजारों का बिल
बिजली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए पांडेय ने बताया कि उनके घर में 10 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगा है, इसके बावजूद हर महीने करीब 9 से 10 हजार रुपये का बिजली बिल आता है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा अपनाने वाले उपभोक्ताओं को उचित लाभ मिलना चाहिए। साथ ही शहर में बार-बार बिजली गुल होने की समस्या का समाधान भी जरूरी है।
गरीब बच्चों को मिले अच्छी शिक्षा
शिक्षा के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा करते हुए पांडेय ने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम में अच्छी शिक्षा पाने के हकदार हैं। निजी स्कूलों की महंगी फीस के कारण कई परिवार अपने बच्चों को वहां नहीं पढ़ा पाते। उन्होंने बिलासपुर में अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू करने के प्रयासों का उल्लेख किया।
उन्होंने युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई और कहा कि इसे रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस और समाज को मिलकर काम करना होगा।
कोरोना काल में की जरूरतमंदों की मदद
पांडेय ने कोरोना काल के अनुभव साझा करते हुए बताया कि लॉकडाउन के दौरान मजदूरों और जरूरतमंदों को भोजन व राशन उपलब्ध कराने का प्रयास किया। इस दौरान वे स्वयं भी कोरोना संक्रमित हुए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी मुश्किल समय में जनता के साथ खड़े रहने की है।
कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा, उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी सहित वरिष्ठ पत्रकार और प्रेस क्लब के सदस्य मौजूद रहे। पांडेय ने कहा कि चुनाव में जीत-हार राजनीति का हिस्सा है, लेकिन जनता के प्रति जिम्मेदारी कभी समाप्त नहीं होती।
