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मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सिंह सवन्नी की संविदा नियुक्ति निरस्त करने की मांग, कर्मचारियों ने शासन को सौंपा ज्ञापन

डेस्क खबर बलरामपुर/रायपुर – छत्तीसगढ़  राज्य कृषि उपज मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक (संविदा) महेंद्र सिंह सवन्नी की संविदा नियुक्ति निरस्त करने की मांग को लेकर मंडी बोर्ड के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शासन और प्रशासन को सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में महेंद्र सिंह  की नियुक्ति, पदोन्नति एवं सेवा अवधि को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।


ज्ञापन के अनुसार, महेंद्र सिंह सवन्नी  की पहली नियुक्ति वर्ष 1985-86 में सचिव वर्ग ‘सी’ के पद पर हुई थी। इसके बाद समय-समय पर उनकी पदोन्नति होती रही और वे विभिन्न मंडी समितियों तथा मंडी बोर्ड के संभागीय कार्यालयों में पदस्थ रहे। वर्ष 2011 से वे मंडी बोर्ड मुख्यालय में संयुक्त संचालक के रूप में कार्यरत रहे तथा बाद में अतिरिक्त प्रबंध संचालक के पद तक पहुंचे।


ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि महेंद्र सिंह  30 जून 2024 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें संविदा के आधार पर प्रबंध संचालक का प्रभार दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि इस पद पर सामान्यतः आईएएस, आईएफएस, आईआरएस अथवा अपर संचालक (कृषि) स्तर के अधिकारियों की नियुक्ति की जाती है, जबकि  सतवी इस श्रेणी के अधिकारी नहीं हैं।


ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि सवन्नी
की पदोन्नतियों में वरिष्ठता नियमों की अनदेखी की गई तथा राजनीतिक प्रभाव के कारण उन्हें लगातार लाभ मिला। कर्मचारियों ने उनकी सभी पदोन्नतियों और सेवा संबंधी मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।
कर्मचारियों ने ज्ञापन में सवन्नीकी कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उनके व्यवहार से अधिकारी एवं कर्मचारी असंतुष्ट हैं। ज्ञापन में कहा गया है कि कार्यस्थल पर अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और प्रताड़ना जैसी शिकायतें भी सामने आई हैं।



ज्ञापन के अंत में अधिकारियों और कर्मचारियों ने शासन से मांग की है कि महेंद्र सिंह सवन्नी
की संविदा नियुक्ति तत्काल निरस्त कर 15 दिनों के भीतर किसी अन्य अधिकारी की पदस्थापना की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो इसके लिए शासन-प्रशासन जिम्मेदार होगा।

स्थानीय संवाददाता की कलम से

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