डेस्क खबरबिलासपुर

SSP रजनेश सिंह की जनहित अपील से क्षेत्रवासियों में जगी आस, क्या सिरगिट्टी इलाके से होगी शुरुवात  ?? वर्षों से कथित रोजगार नेटवर्क की अवैध गतिविधियों पर उठे गंभीर सवाल ? सामने आए वीडियो को देख आप भी हो जायेंगे हैरान !!!



डेस्क खबर बिलासपुर../  प्रदेश की न्यायधानी और दूसरे सबसे बड़े शहर बिलासपुर में लगातार बढ़ते अपराधों के बीच पुलिस प्रशासन अब अवैध गतिविधियों पर सख्ती के मूड में नजर आ रहा है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह लगातार कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों में खाकी का खौफ पैदा करने के लिए सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। लगातार क्राइम मीटिंग लेकर अधीनस्थ अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं कि क्षेत्र में संचालित संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल निगरानी रखी जाए। इसी कड़ी में एसएसपी द्वारा जारी जनहित अपील ने अब सिरगिट्टी क्षेत्र में नई चर्चा छेड़ दी है। अपील में किराएदारों, बाहरी लोगों, घरेलू सहायकों और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े लोगों की पूरी जानकारी संबंधित थाने में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद सिरगिट्टी क्षेत्र के लोगों में उम्मीद जगी है कि वर्षों से विवादों और आरोपों में घिरे कथित “रोजगार और ट्रेनिंग नेटवर्क” की अब गंभीर जांच हो सकती है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि एसएसपी की इस मुहिम की शुरुआत सिरगिट्टी से होती है, तो यह पूरे जिले के लिए मिसाल साबित होगी। लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में वर्षों से हजारों बाहरी युवक-युवतियां बिना स्पष्ट सत्यापन के रह रहे हैं और कथित ट्रेनिंग नेटवर्क खुलेआम संचालित हो रहा है। इसके बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई नहीं होना लगातार सवाल खड़े कर रहा है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि  सिरगिट्टी थाना प्रभारी अपने कप्तान की इस जनहित आदेश को गंभीरता से लेकर व्यापक सत्यापन अभियान और जांच शुरू करेंगे? क्योंकि क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि पुलिस चाहे तो एक दिन में पूरे नेटवर्क की वास्तविकता सामने आ सकती है।लोगो का कहना है कि नेटवर्क कंपनी में काम करने वाले युवक युवतियां क्षेत्र में किराए के मकानों में रहती है और 90% मकान मालिकों ने भी थाने में किरायेदारों के बारे में पूरी जानकारी थाने में नहीं दर्ज करवाई है। करीब दो मिनट के इस वीडियो में दिख रही भीड़ से आप अंदाजा लगा सकते है क्षेत्र में बाहरी युवक युवतियों की संख्या कितनी है।



गौरतलब है सिरगिट्टी क्षेत्र में वर्षों से संचालित कथित “रोजगार और ट्रेनिंग नेटवर्क” को लेकर स्थानीय निवासियों में डर का माहौल बना हुआ रहता है, हज़ारों की तादात में बाहरी युवक युवतियों के झुंड इलाके में चर्चा का विषय बना रहता है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाहरी राज्यों और जिलों से हजारों युवक-युवतियों को नौकरी, बड़े पैकेज और सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर यहां लाया जाता है। शुरुआत में उन्हें ट्रेनिंग के नाम पर रखा जाता है, लेकिन ये कौन है कहा से आए है इनके बारे में कोई नहीं जानता है।  स्थानीय लोगों का कहना है कि इन बाहरी लोगों को आम लोगों से खुलकर बातचीत तक नहीं करने दी जाती।और कई बार जब कुछ युवक-युवतियां वापस घर जाने या शिकायत करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें रोते-बिलखते देखा गया है। सूत्रों का कहना है  कि थाने पहुंचने वाले पीड़ितों की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं होती,दावा किया जा रहा है कि अभी भी कई शिकायतें थाने की फाइलों में दबी हुई पड़ी है। नेटवर्क कंपनी के नाम पर काम करने वाले युवक युवतियों से अक्सर स्थानीय लोगों की झड़प होती रहती है और स्थानीय निवासियों से इनसे पूछताछ करने पर ये संगठित होकर लोगों पर हमला भी करने से बाज नहीं आते है।स्थानीय नेता से जुड़े लोगों के घर में घुसकर मारपीट की शिकायत भी पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंचने के बाद और वायरल वीडियो राजनैतिक चर्चा का विषय भी बना था ।


इन आरोपों और इलाके में बाहरी लोगों की भीड़ दिखने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिले में ऐसी गतिविधियां सिर्फ सिरगिट्टी में ही क्यों फल-फूल रही हैं? यदि सब कुछ वैध है तो फिर स्थानीय युवाओं को इसमें शामिल क्यों नहीं किया जाता? हर सुबह सुबह हजारों लोगों की कथित ट्रेनिंग की चर्चा क्षेत्र में आम हो चुकी है, लेकिन वर्षों से कोई बड़ी स्थायी कार्रवाई नहीं होना अब पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
गौरतलब है कि पूर्व थाना प्रभारी राहुल तिवारी ने कुछ वर्ष पहले इसी तरह के नेटवर्क पर कार्रवाई कर गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किए थे। इसके बावजूद अब वही गतिविधियां फिर बड़े स्तर पर संचालित होने के आरोप लग रहे हैं। अब मामला सिर्फ सिरगिट्टी तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे जिले की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा सवाल बन चुका है। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं — “अगर सब कुछ वैध है, तो फिर इतनी गोपनीयता और डर क्यों ?? और सबसे बड़ा सवाल यह उठना लाजमी है कि आखिर ये लोग कौन है और ये कहा से आए है और ये काम करते है ? सबसे बड़ी बात इनकी कमाई का जरिया क्या है और क्या इनकी जानकारी संबंधित कंपनी और मकान मालिकों ने थाने में जमा की है .?




अब कयास लगाए जा रहे है कि SSP द्वारा जारी की गई जनहित अपील का असर होगा और इस गंभीर और संवेदनशील मामले में उच्च अधिकारी से लेकर थाना प्रभारी जल्द से जल्द गंभीरता से ऐसी नेटवर्क कंपनी में काम करे बाहरी लोगों का सत्यापन करेंगे ताकि क्षेत्र में कानून व्यवस्था दुरुस्त किया जा सके और क्षेत्र में बढ़ रही आपराधिक वारदातों पर लगाम लगाया जा सके।

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