कलेक्टर हो तो ऐसा ,डीएमएफ के कामों में खेल पकड़ा तो कलेक्टर का ऑन-द-स्पॉट एक्शन!
सीढ़ी मंगवाकर खुद नपवाया सरिया, 8 एमएम की जगह निकला 6 एमएम… सब इंजीनियर पर निलंबन की गाज, पंचनामा और FIR के निर्देश.!

डेस्क खबर कोरबा./ सरकारी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोरबा कलेक्टर कुणाल दुदावत की कार्रवाई ने सख्त संदेश दिया है। डीएमएफ मद से चल रहे निर्माण कार्यों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मौके पर ही गुणवत्ता की जांच कराई और गड़बड़ी सामने आते ही जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दे दिए।कटघोरा जनपद पंचायत के ग्राम जेन्जरा में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण करते समय कलेक्टर को सरिया की मोटाई पर संदेह हुआ। उन्होंने तत्काल सीढ़ी मंगवाई और स्लैब में लगे सरिए की मौके पर ही माप कराई। सब इंजीनियर की ओर से 8 एमएम सरिया लगाए जाने की जानकारी दी गई थी, लेकिन जांच में कई जगह 8 एमएम की जगह 6 एमएम का सरिया पाया गया।
गड़बड़ी सामने आते ही कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए निर्माण कार्य का पंचनामा तैयार कर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। वहीं जिम्मेदारी तय करते हुए जनपद पंचायत कटघोरा के सब इंजीनियर रामकुमार पोर्ते को निलंबित करने के निर्देश दिए गए।
स्कूल और पीडीएस भवन भी जांच के घेरे में
निरीक्षण के दौरान स्कूल भवन में निर्धारित मापदंड के विपरीत टाइल्स लगाए जाने और पीडीएस भवन की प्लिंथ निर्धारित मानक से नीची होने पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने साफ कहा कि डीएमएफ का पैसा जनता के हित में खर्च हो रहा है, इसलिए निर्माण की गुणवत्ता से समझौता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर की इस कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दिया है कि फाइलों में निर्माण पूरा दिखाना आसान हो सकता है, लेकिन मौके पर गुणवत्ता की जांच से गड़बड़ी छिपाना मुश्किल है। मौके पर सीढ़ी मंगवाकर सरिया नपवाने और गड़बड़ी मिलते ही निलंबन व एफआईआर के निर्देश को लेकर प्रशासनिक सख्ती की चर्चा है वहीं कलेक्टर के इस एक्शन की जमकर तारीफ हो रही है और चर्चा है कि यदि जिले के सभी कलेक्टर शिकायतों पर जांच कर तत्काल कार्यवाही करते रहे तो शायद छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार में काफी हद तक लगाम लगाई जा सकती है।
