डेस्क खबरबिलासपुर

बलरामपुर में करोड़ों की अनियमितताओं के आरोपों पर गरमाया मामला,मंत्री रामविचार नेताम ने कहा—‘ऐसे अधिकारियों की जरूरत मेरे जिले में नहीं’





डेस्क खबर बलरामपुर ../जिला शिक्षा विभाग में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी मनीराम यादव पर लगे करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप अब जिला स्तर से निकलकर प्रदेश स्तर तक पहुंचते नजर आ रहे हैं। मामले को लेकर प्रदेश के वरिष्ठ मंत्री रामविचार नेताम का बयान सामने आया है। मंत्री ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है और ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की जरूरत उनके जिले में नहीं है।

मंत्री रामविचार नेताम ने स्पष्ट संकेत देते हुए कहा कि बलरामपुर जिले में अधिकारियों को भयमुक्त होकर भ्रष्टाचार करने की छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ वे सख्त से सख्त कार्रवाई की सिफारिश करेंगे। मंत्री के इस बयान के बाद अब शिक्षा विभाग में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।



आरोपों की फेहरिस्त लंबी, जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

प्रभारी डीईओ मनीराम यादव के कार्यकाल को लेकर डीएफ, सफाई सामग्री, अध्ययन सामग्री, साइकिल वितरण, फर्नीचर खरीदी सहित विभिन्न मदों में करोड़ों रुपये की अनियमितताओं के आरोप पाये गये हैं। इन शिकायतों को लेकर जांच भी कराई गई है और अब जांच रिपोर्ट पर विभागीय एवं प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई का इंतजार है।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया कब शुरू होगी?



शासकीय निमंत्रण पत्र में राजनीतिक चुनाव चिन्ह का विवाद

मनीराम यादव से जुड़ा एक अन्य मामला भी चर्चा में है। शासकीय कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में राजनीतिक चुनाव चिन्ह के कथित इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। सरकारी कार्यक्रम और शासकीय दस्तावेजों में राजनीतिक प्रतीकों के इस्तेमाल को लेकर उठे सवालों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर नई बहस छेड़ दी है।

पूर्व पदस्थापना के मामलों ने भी बढ़ाई मुश्किलें

शिकायतकर्ताओं की ओर से मनीराम यादव की पूर्व पदस्थापना के दौरान निलंबन, विभागीय जांच और अन्य शिकायतों से जुड़े मामलों का भी दावा किया जा रहा है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि और वर्तमान प्रकरण से उनका संबंध संबंधित विभागीय अभिलेखों एवं जांच के निष्कर्षों से ही स्पष्ट होगा।

जांच जिले से प्रदेश स्तर तक पहुंचा

बलरामपुर कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच और उससे संबंधित रिपोर्ट को लेकर अब सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। वहीं मामले से जुड़ी शिकायतों और मीडिया रिपोर्टों के प्रदेश स्तर तक पहुंचने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी हलचल बढ़ी है।

मंत्री रामविचार नेताम के बयान ने इस पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया है। मंत्री ने संकेत दिया है कि भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरे अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।

अब सबसे बड़ा सवाल—कार्रवाई कब?

करोड़ों रुपये की कथित अनियमितताओं के आरोप, शासकीय व्यवस्था पर उठते सवाल, निमंत्रण पत्र में राजनीतिक चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल का विवाद और पूर्व पदस्थापना से जुड़े शिकायतों के दावों के बीच अब सबसे बड़ा सवाल यही है
ज्ञात होगी मनीराम यादव वर्ष 2020 में गैर इरादतन रूप से करोड़ों रुपए की राशि सरगुजा जिले में भी डकार गए थे जिस पर सरगुजा कलेक्टर ने FIR के भी आदेश दिए थे खैर आदेश के बाद प्रकरण मैं क्या एक्शन लिया गया यह सभी लोग जानते हैं।

यही नहीं मनीराम यादव पद पर रहते हुवे एक शिक्षक का रास्ता रोक कर एटीएम जबरन लेकर राशि का अहरण कर लिए थे जिसकी शिकायत भी थाने तक पहुंची थी, शिक्षक संघ का भी भारी विरोध का सामना इन्हें करना पड़ा था, अपने सगे संबंधियों को फर्जी तरीके से नौकरी लगाने की भी बात सामने थी बाद में विवाद बढ़ने पर उन्होंने इस्तीफा दिलवा दिया था।

खैर बलरामपुर कलेक्टर द्वारा गठित जांच रिपोर्ट के बाद प्रभारी डीईओ मनीराम यादव पर ठोस कार्रवाई होगी?क्या जांच में सामने आए तथ्यों पर शासन सख्त कदम उठाएगा या मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा? मंत्री के सख्त बयान के बाद अब बलरामपुर से लेकर राजधानी तक निगाहें जांच रिपोर्ट और आगामी प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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