डेस्क खबरबिलासपुर

महिंद्रा शोरूम प्रबंधक का अमानवीय चेहरा आया सामने ,बीमार महिला से जबरन 1 लाख वसूली का लगा आरोप … सिरगिट्टी पुलिस ने किया मैनेजर को गिरफ्तार कर निकाली हेकड़ी



डेस्क खबर बिलासपुर../ बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में स्थित देश की जानी मानी कंपनी महिंदा का अमानवीय चेहरा सामने आया है ।जहां मामूली विवाद में महिंदा शोरूम के मैनेजर राहुल घोष की दबंगई और रसूख देखने को मिला जहां उसने एक बीमार महिला को कई घंटों पर बंधक बना के रख दिया। रायपुर से ऑपरेशन कराकर लौट रही एक बीमार बुजुर्ग महिला के परिवार को सिरगिट्टी स्थित महिंद्रा वाहन शोरूम में कथित तौर पर घंटों तक रकम देने के दबाव का सामना करना पड़ा। परिवार का आरोप है कि ट्रायल वाहन से हुई टक्कर के बाद शोरूम में करीब तीन घंटे तक 1 लाख की मांग की जाती रही। बीमा और पुलिस प्रक्रिया के जरिए मामला सुलझाने की बात कहने पर कथित मांग घटकर 50 हजार तक पहुंच गई। मामला बढ़ता देख परिवार ने 112 पर सूचना दी। पुलिस के पहुंचने के बाद विवाद शांत हुआ और बीमार महिला को वहां से ले जाया गया। पुलिस ने इस शोरूम के मैनेजर की इस हरकत के खिलाफ सिरगिटी थाने में मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर थाने लाया गया,जहां से उसे मुचलके पर छोड़ दिया गया ।


शोरूम के सामने हाईवे बना पार्किंग?
विवाद के साथ शोरूम के सामने हाईवे पर वाहनों की पार्किंग का मुद्दा भी सामने आया है। आरोप है कि ग्राहकों और स्टाफ के वाहनों के लिए सड़क के हिस्से का इस्तेमाल पार्किंग के तौर पर किया जा रहा है। यदि ऐसा है तो यह न केवल यातायात व्यवस्था के लिए गंभीर सवाल है, बल्कि हादसों का खतरा भी बढ़ा सकता है।
आम आदमी पर चालान, बड़े प्रतिष्ठानों पर मेहरबानी?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि गुंबर चौक से सिरगिट्टी-बन्नाक चौक तक अव्यवस्थित पार्किंग को लेकर शिकायतें होने के बावजूद जिम्मेदार विभाग कब जागेगा?
आम वाहन चालक सड़क किनारे वाहन खड़ा करे तो चालानी कार्रवाई में देर नहीं लगती, लेकिन बड़े प्रतिष्ठानों के सामने सड़क का हिस्सा पार्किंग में इस्तेमाल होने के आरोपों पर कार्रवाई कब होगी?
बीमार महिला से कथित रकम की मांग हो या हाईवे पर कथित पार्किंग—दोनों मामलों में निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार विभाग की कार्रवाई अब जरूरी है।

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