
डेस्क खबर ../ ग्वालियर में भोपाल STF में पदस्थ इंस्पेक्टर पर दर्ज दुष्कर्म के मामले में अब नया और चौंकाने वाला मोड़ सामने आया है। जिस महिला की शिकायत के आधार पर इंस्पेक्टर आनंद कुमार के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी, अब वही महिला अपने बयान से पलट गई है। महिला ने मीडिया के सामने दावा किया है कि उसने ऐसी कोई शिकायत पुलिस को नहीं दी थी और पुलिस ने कथित तौर पर दबाव बनाकर इंस्पेक्टर को झूठे मामले में फंसाया है।
महिला ने महिला थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसे धमकाकर FIR दर्ज कराई गई। महिला का दावा है कि उसे अब भी धमकियां मिल रही हैं। इतना ही नहीं, उसने ग्वालियर SSP धर्मवीर सिंह यादव पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि इंस्पेक्टर आनंद कुमार को झूठा फंसाया गया है।
मामला साल 2022 का बताया जा रहा है। उस समय आनंद कुमार ग्वालियर के थाटीपुर थाने में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। इसी दौरान पति से विवाद के मामले में महिला मदद के लिए थाटीपुर थाने पहुंची थी। आरोप है कि इसी दौरान आनंद कुमार ने मदद का भरोसा देकर महिला का मोबाइल नंबर लिया और दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई।
पुलिस में दर्ज FIR के मुताबिक, 10 अक्टूबर की रात आनंद कुमार महिला के घर पहुंचे। आरोप है कि पत्नी की बीमारी का हवाला देते हुए उन्होंने महिला से शादी का भरोसा दिया और इसी बहाने उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने आनंद कुमार के खिलाफ FIR दर्ज की थी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपी इंस्पेक्टर के भूमिगत होने की बात सामने आई है। लेकिन अब खुद शिकायतकर्ता के पुलिस पर लगाए गए आरोपों ने इस पूरे मामले को सवालों के घेरे में ला दिया है।
अब बड़ा सवाल यही है—क्या FIR महिला की वास्तविक शिकायत पर दर्ज हुई थी, या फिर पुलिस ने दबाव बनाकर मामला दर्ज किया? महिला अब अपने आरोपों से क्यों पलट गई? और अगर महिला के आरोप सही हैं तो FIR दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया पर जवाबदेही किसकी होगी फिलहाल पुलिस जांच में जुटी ही और जांच के बाद भी मामले का सच सामने आ पाएगा।
