
डेस्क खबर बिलासपुर./ छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े हुए बिजली बिल और कथित मनमानी बिजली कटौती को लेकर जहां आम जनता में नाराजगी बढ़ती जा रही है और जगह-जगह बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन हो रहे हैं, वहीं बिलासपुर के नेहरू नगर स्थित बिजली कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। एक जागरूक नागरिक ने इस पूरी लापरवाही का वीडियो रिकॉर्ड किया और जमीनी हकीकत दिखाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि जिस तरह पूरे जिले में जिस प्रकार बिजली घंटों किसी भी समय गुल रहती है ठीक उसी प्रकार विभाग के अधिकारी भी जिले की बिजली की तरह घंटों दफ्तर से गायब रहते है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बिजली कार्यालय का निर्धारित समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है। बावजूद इसके सोमवार को सुबह करीब 11 बजे तक कार्यालय में अधिकारी और कई कर्मचारी उपस्थित नहीं थे। इस स्थिति ने विभागीय कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की समयबद्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जा रहा है कि अधिकारी श्रीमती पूर्णिमा सिंह और उनके अधीनस्थ कर्मचारियों की समय पर कार्यालय में उपस्थिति नहीं होने से आम लोगों को अपने बिजली संबंधी कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में, जब बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर पहले ही जनता में नाराजगी बनी हुई है, कार्यालयीन समय में कर्मचारियों की अनुपस्थिति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जिसकी सच्चाई आप इस वीडियो में देख सकते है


लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करना विभागीय जिम्मेदारी है। यदि निर्धारित कार्यालय समय के बावजूद कर्मचारी कार्यालय में मौजूद नहीं रहते हैं तो इसकी जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। हालांकि, अधिकारी श्रीमती पूर्णिमा सिंह अथवा संबंधित विभाग की ओर से इस मामले में कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है जनता ने वरिष्ठ अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर कार्यालय की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति की जांच कराने की मांग की है। ताकि आम जनता की भले बिजली समस्या से निजात न मिले पर कम से कम दफ्तर का काम तो पूरा हो सके।
