


डेस्क खबर बिलासपुर../ न्यायधानी बिलासपुर में स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह पुलिस ग्राउंड में पूरे उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान में हिस्सा लिया। हालांकि, समारोह के दौरान सामने आई कथित अव्यवस्थाओं ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए।
बताया जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के दौरान वीआईपी गेट पर भीड़ और प्रवेश व्यवस्था को लेकर कुछ भाजपा नेताओं एवं कर्मचारियों के बीच बहसबाजी की स्थिति बन गई। इस दौरान भाजपा जिला कोषाध्यक्ष गुलशन ऋषि सहित कुछ नेताओं को रोकने को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित होने की चर्चा रही। इतना ही नहीं बताया जा रहा है कि बीजेपी के सीनियर नेता का तो गेट में तैनात तहसील कार्यालय के एक कर्मचारी ने हाथ तक खींच दिया इस दौरान एक महिला जमीन पर गिरते गिरते भी बची। Vip गेट में तैनात कर्मचारियों की हरकत देख पूर्व एल्डरमैंन ने भारी नाराजगी जताते हुए कर्मचारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई तक जाकर मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन घटनाक्रम से वहां मौजूद कुछ नेता नाराज बताए गए।
मंच पर जगह नहीं, जनप्रतिनिधियों में नाराजगी
कार्यक्रम की सबसे ज्यादा चर्चा मंच पर बैठने की व्यवस्था को लेकर रही। आरोप है कि आमंत्रित जनप्रतिनिधियों और भाजपा पदाधिकारियों के लिए मंच पर पर्याप्त संख्या में कुर्सियों की व्यवस्था नहीं की गई थी। स्थिति यह रही कि कुछ महिला नेताओं सहित कई जनप्रतिनिधियों को बैठने के लिए जगह तलाशनी पड़ी। बताया जा रहा है कि विधायक, महापौर, सभापति और कई पार्षदों को भी मंच पर अपनी निर्धारित जगह तलाशते देखा गया। कुछ जनप्रतिनिधियों को कुर्सी नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम के बीच से ही लौटना पड़ा। पूर्व एल्डरमैन और कई पार्षद भी कथित अव्यवस्था से नाराज नजर आए।
आमंत्रण कार्ड को लेकर भी उठे सवाल
भाजपा नेताओं की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि इस बार कई सम्मानित एवं आमंत्रित लोगों को कार्यक्रम का आमंत्रण कार्ड तक नहीं दिया गया। नेताओं का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम में इस तरह की चूक गंभीर सवाल खड़े करती है।
आरोप यह भी लगाया गया कि मंच पर जहां जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के लिए स्थान निर्धारित होना चाहिए था, वहां कुछ कर्मचारी कुर्सियों पर बैठे नजर आए। भाजपा शहर अध्यक्ष द्वारा भी मंच पर ही व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताए जाने की चर्चा सामने आई। अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह रहा कि सभापति सहित युवा मोर्चा के कार्यकर्ता और कुछ पार्षदों को कार्यक्रम स्थल से उलटे पाव अपने घर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा ।
सम्मान की जगह असहजता बनी चर्चा का विषय
स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम राष्ट्रगौरव और सम्मान का अवसर होता है। ऐसे में मंच पर आमंत्रित जनप्रतिनिधियों को बैठने की जगह नहीं मिलना और कई लोगों का कार्यक्रम से वापस लौटना पूरे आयोजन की व्यवस्थाओं और गरिमा पर सवाल खड़े कर रहा है। भाजपा पदाधिकारियों सहित बीजेपी पार्षदों और युवा मोर्चा से जुड़े नेताओं के बीच भी इस कथित अव्यवस्था को लेकर नाराजगी की चर्चा रही। सवाल यह उठ रहा है कि जब कार्यक्रम में जिले के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे, तो आखिर बैठने और प्रवेश जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं में चूक कैसे हुई?
अब देखने वाली बात होगी कि स्वतंत्रता दिवस जैसे गरिमामय आयोजन में कथित अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से कोई जवाब-तलब होता है या नहीं या इसी तरह जनप्रतिधियों का आगे भी अपमान होता रहेगा ??
बीजेपी नेता जो प्रत्यक्ष रूप से मौजूद थे इन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी है।













