डेस्क खबर

रायपुर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के जन्मदिन 1 अक्टूबर के दिन ही राजधानी रायपुर में एन इ इ टी यू जी 2026 की राज्य काउंसलिंग को लेकर छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।




डेस्क खबर विकास जैन मित्तल के नेतृत्व में सैकड़ो छात्रों ने काउंसलिंग प्रक्रिया में गठित घोटाले और अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन का प्रयास किया। छात्रों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ राज्य कोटा में कई ऐसे बाहरी अभ्यर्थियों को सिमा आवंटित कर दी गई है, जिनके निवास प्रमाण पत्र और राज्य पात्रता के दस्तावेज संदिग्ध हैं।



छात्रों ने मांग की है कि सभी अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का फिर से सत्यापन किया जाए।


पुलिस ने रोका, फिर कलेक्टर को सोपा ज्ञापन

प्रदर्शन कार्यों के अनुसार, वे निर्धारित स्थल पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन के लिए पहुंचे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद विकास जैन मित्तल के नेतृत्व में छात्रों ने कलेक्टर एवं जिला डंडा अधिकारी, रायपुर के नाम ज्ञापन सोपा।



छात्रों की पांच बड़ी मांगे‌

1.NEET UG 2026 छत्तीसगढ़ राज्य काउंसलिंग को तत्काल निरस्त किया जाए 

2.सभी अभ्यर्थियों के निवास एवं पात्रता दस्तावेजों का पुन सत्यापन हो

3.कथित अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए

4.दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही हो

5.मेरिट के आधार पर छत्तीसगढ़ के मूल छात्रों को न्याय मिले


3 दिन का अल्टीमेटम


विकास जैन मित्तल ने कहा – “यह विद्यार्थियों के भविष्य का सवाल है। अब सिर्फ आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए।”

छात्रों ने प्रशासन को तीन दिन की समय सीमा दी है। चेतावनी दी है कि अगर कार्यवाही शुरू नहीं हुई तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा।



स्वास्थ्य मंत्री के जन्मदिन के दिन ही इस तरह के ऐसे छात्रों का कलेक्टर तक पहुंचना पूरे मामले को और ज्यादा चर्चाओं में ले आया है। अब सबकी नजर शासन प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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