पसीना जितना बहाओगे, परीक्षा में उतनी सफलता मिलेगी” — कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने दिए सफलता के मंत्र



रिपोर्ट _ अरविंद सिंह
डेस्क खबर ./प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों से संवाद करने शनिवार को कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन जिला प्रेस क्लब सह वाचनालय, पेंड्रा पहुंचे। उन्होंने UPSC-PSC की तैयारी के अपने अनुभव साझा कर छात्रों को सफलता के व्यावहारिक गुण बताए।
कलेक्टर ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में सफलता के लिए सिलेबस नहीं, बल्कि रणनीति, अनुशासन और निरंतर अभ्यास जरूरी है। “पसीना जितना तैयारी में बहाओगे, परीक्षा कक्ष में उतनी ही सफलता मिलेगी” कहकर उन्होंने छात्रों को कड़ी मेहनत के लिए प्रेरित किया।

*छात्रों को दिए 3 अहम मंत्र:*
1. उत्तर लेखन का अभ्यास परीक्षा के लिए 3-3 घंटे के 2 सत्रों में रोज लिखने का अभ्यास करें।
2. कमजोरियों का विश्लेषण अपनी गलतियों को पहचान कर सुधारें। रटने की बजाय विषय की गहरी समझ बनाएं।
3. गुणवत्ता पर फोकस 10-12 घंटे पढ़ना जरूरी नहीं। जितना पढ़ें, पूरी एकाग्रता और रुचि से पढ़ें।
उन्होंने कहा कि खुद की तुलना दूसरों से नहीं, बल्कि अपने पिछले प्रदर्शन से करें और नियमित मूल्यांकन करते रहें।
कार्यक्रम में कलेक्टर ने UPSC-PSC की तैयारी के लिए दिल्ली से लाई गई महत्वपूर्ण पुस्तकें भी वाचनालय को समर्पित कीं। छात्रों ने कहा कि अधिकारी से सीधा संवाद उनके लिए बेहद प्रेरणादायी रहा।
