एकतरफ़ा कार्रवाही एवं भारी जुर्माने के बाद अब ट्रांसपोर्टरों की नई मांग, रेत परिवहन के लिए रॉयल्टी पर्ची अनिवार्य करने की मांग,,रेत घाटों पर प्रतिबंध के बीच बढ़ी रेत की कीमत, आम उपभोक्ताओं पर बढ़ा बोझ,,



डेस्क खबर ../छत्तीसगढ़ में रेत कारोबार को लेकर सख्ती के बीच अब परिवहनकर्ताओं ने सरकार से नई मांग की है। भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई के बाद ट्रांसपोर्टरों ने भंडारित रेत के परिवहन के लिए रॉयल्टी पर्ची अनिवार्य किए जाने एवं शासन द्वारा निर्धारित दर पर रॉयलटी की मांग उठाई है।
छत्तीसगढ़ परिवहन कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद अग्रवाल जी ने इस संबंध में खनिज विभाग को ज्ञापन सौंपा है। उनका कहना है कि रॉयलटी नहीं मिलने पर बिना रॉयल्टी पर्ची के रेत का परिवहन करने पर कभी भी वाहनों को जब्त कर लिया जाता है, जिससे परिवहनकर्ताओं को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। जबकि पट्टेदार पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती
एनजीटी के निर्देशों के तहत बारिश के मौसम में रेत घाटों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। ऐसे में फिलहाल केवल पहले से भंडारित रेत का ही परिवहन किया जा रहा है। प्रतिबंध के कारण बाजार में रेत की उपलब्धता कम हुई है और कीमतों में भारी उछाल आया है।
बताया जा रहा है कि वर्तमान में उपभोक्ताओं को रेत 20 हजार रुपये से अधिक कीमत पर मिल रही है। वहीं 12 घन मीटर रेत के लिए करीब 1200 और 10 घन मीटर के लिए 1000 रुपये की रॉयल्टी पर्ची का प्रावधान है। जबकि पट्टेदार द्वारा यही रॉयलटी ब्लेक मे 3000/- से 4000/- मे बेचीं जा रही है जिससे सीधे करोडो का फायदा ठेकेदार के जेब मे जा रहा है
परिवहनकर्ताओं का कहना है कि यदि भंडारित रेत के लिए भी रॉयल्टी पर्ची की उचित मूल्य मे व्यवस्था लागू की जाती है तो परिवहन सुचारु होगा और अनावश्यक कार्रवाई से बचा जा सकेगा। वहीं बढ़ती कीमतों से आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
