चर्चित सर्राफा व्यापारी हत्याकांड मामला , आईजी की रणनीति और पुलिस की मुस्तैदी से सुलझी कत्ल की गुत्थी..बिलासपुर से बिहार तक जुड़े आरोपियों के तार ..


रिपोर्ट _अरविंद सिंह
डेस्क खबर ../ कोटमीकला के चर्चित सर्राफा व्यापारी प्रदीप सोनी हत्याकांड का खुलासा करने में जिले की पुलिस ने सफलता हासिल की है। घटना के बाद जिस तेजी और गंभीरता से पुलिस ने जांच शुरू की, उसी का परिणाम है कि महज कुछ दिनों के भीतर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया और वारदात में इस्तेमाल हथियार सहित लूट का माल भी बरामद कर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग स्वयं घटनास्थल पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि किसी भी कीमत पर आरोपियों तक पहुंचा जाए। आईजी गर्ग के मार्गदर्शन में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर इनपुट, मुखबिर तंत्र और लगातार फील्ड कार्रवाई के जरिए आरोपियों तक पहुंचने में सफलता हासिल की।


जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों से मिली सूचनाओं और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मुख्य आरोपी खुशीराम साहू ने अपने भतीजे राजाराम साहू तथा बिहार-झारखंड के रहने वाले राहुल और उसके साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों ने पहले से सर्राफा व्यापारियों की गतिविधियों की रेकी की थी और सुनियोजित तरीके से लूट की योजना बनाई थी।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस और लूटे गए आभूषण बरामद किए हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि वारदात के बाद आरोपियों ने लूटे गए माल का आपस में बंटवारा कर लिया था और सबूत मिटाने के लिए आभूषणों की पैकिंग सामग्री तक जला दी थी।


पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने बताया कि इस सनसनीखेज वारदात में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग राज्यों में विशेष टीमें भेजी गई हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही शेष आरोपियों को भी गिरफ्तार कर पूरे मामले का पूर्ण खुलासा कर दिया जाएगा

जिला पुलिस अधीक्षक और पूरी जांच टीम ने दिन-रात मेहनत करते हुए कई जिलों और राज्यों तक जांच का दायरा बढ़ाया। लगातार दबिश, पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के चलते आरोपी कानून के शिकंजे से बच नहीं सके। पुलिस ने न केवल आरोपियों को गिरफ्तार किया बल्कि लूटे गए आभूषण, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त देशी कट्टा भी बरामद कर लिया। पकड़े गए आरोपी के तार बिलासपुर के सीपत थाना क्षेत्र से लेकर बिहार झारखंड तक जुड़े हुए बताए जा रहे है।
यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि गंभीर अपराधों के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता और नेतृत्व स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग होने पर बड़े से बड़ा मामला भी सुलझाया जा सकता है। आईजी रामगोपाल गर्ग के नेतृत्व और जीपीएम पुलिस की सक्रियता की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं, जिससे पूरे गिरोह के जल्द बेनकाब होने की उम्मीद है।