सस्पेंड CEO ने की भूपेश बघेल से मुलाकात ,पूर्व मुखमंत्री से मुलाकात के बाद विधायक पर लगाए गंभीर आरोप…कैमरे के सामने विधायक और अधिकारियों को दी खुली चुनौती ??


डेस्क खबर ../ सुशासन तिहार के दौरान हुए विवाद के बाद निलंबित जनपद सीईओ रूपेश पांडे ने अब अब खुलकर मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात के बाद रूपेश पांडे ने मीडिया के सामने आक्रामक तेवर दिखाते हुए अपने निलंबन को साजिश करार दिया और दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर समेत कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए।
रूपेश पांडे ने कहा कि उन्हें राजनीतिक दबाव में कार्रवाई का शिकार बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि पूरे घटनाक्रम को एकतरफा तरीके से पेश किया गया और बिना निष्पक्ष जांच के उन्हें निलंबित कर दिया गया। पांडे ने अधिकारियों को मीडिया के कैमरे के माध्यम से खुला चैलेंज भी किया है ।
मीडिया से चर्चा के दौरान निलंबित सीईओ ने विधायक पर निशाना साधते हुए कहा कि वे एक सुनियोजित साजिश के शिकार हुए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने भी पूरे मामले में पक्षपातपूर्ण भूमिका निभाई। कैमरे के सामने उन्होंने खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई ऐसे तथ्य सामने आएंगे जो अब तक छिपाए गए हैं।
गौरतलब है कि ग्राम थनौद में आयोजित सुशासन तिहार शिविर के दौरान एक भाजपा पदाधिकारी के साथ कथित अभद्र व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रूपेश पांडे को निलंबित कर दिया था। यह मामला प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है।
रूपेश पांडे के आरोपों और भूपेश बघेल से मुलाकात के बाद यह मामला अब प्रशासनिक कार्रवाई से आगे बढ़कर राजनीतिक रंग लेता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद के और अधिक गरमाने की संभावना जताई जा रही है। अभी सीतापुर विधायक विवाद मामले में सरकार मुश्किल में नजर आ रही थी कि अब एक सस्पेंड अधिकारी की इस मुलाकात और मीडिया में सामने आये बयान ने सरकार के सामने फिर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है ।