डेस्क खबरबिलासपुर

जनप्रतिनिधि पर गुंडागर्दी के आरोप! कांग्रेसी नेता पूर्व महापौर और बेटे के खिलाफ FIR , रास्ता रोककर मारपीट, पत्थर से हमला और धमकी देने का आरोप; CCTV हुआ  वायरल, सिविल लाइन पुलिस जांच में जुटी..



डेस्क खबर बिलासपुर../ बिलासपुर शहर के पूर्व महापौर और उनके बेटे की गुंडागर्दी का वीडियो सोशल मीडिया में राजनैतिक गलियारों सहित शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और सियासी गलियारों हलचल मची हुई । सिविल लाइन थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार कांग्रेस नेता एवं पूर्व महापौर राजेश पांडेय पर गुंडागर्दी, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगे। मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने पूर्व महापौर और उनके पुत्र राहुल पांडेय के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना का कथित सीसीटीवी फुटेज भी सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। शिवम एन्कलेव निवासी अमित शर्मा ने शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि सोसायटी की बैठक के बाद राजेश पांडेय और राहुल पांडेय ने उनका रास्ता रोक लिया। इसके बाद गाली-गलौज करते हुए विवाद किया गया और फिर मारपीट की गई।शिकायतकर्ता के अनुसार विवाद के दौरान पत्थर से हमला किया गया, जिससे उनके सिर और कंधे पर चोटें आईं। हमले में उनका चश्मा भी टूट गया। पीड़ित ने चेहरे, घुटने और पीठ पर चोट लगने के साथ जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है यह विवाद रास्ते को लेकर हुआ है। फरियादी का कहना है कि उसे पहले से ही गंभीर बीमारी है और ऐसे में मारपीट करने से उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से गहरा आघात लगा है ।



वीडियो वायरल होने के बाद पूर्व महापौर और उनके बेटे की गुंडागर्दी पर सवाल उठ रहे है कि जनता की सेवा और कानून व्यवस्था का संदेश देने वाले एक जनप्रतिनिधि क्या अब खुलेआम इस तरह मारपीट कर सकते है ? मारपीट और धमकी जैसे गंभीर आरोपों नाम सामने आने के बाद कांग्रेस नेता एवं पूर्व महापौर राजेश पांडेय और उनके पुत्र राहुल पांडेय के खिलाफ सिविल लाइन थाने में अपराध दर्ज किया गया है। घटना का कथित सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ लिया है क्योंकि आरोप किसी आम व्यक्ति पर नहीं, बल्कि एक पूर्व महापौर और वरिष्ठ राजनीतिक चेहरे पर लगे हैं। सोशल मीडिया में वायरल हो रहे कथित सीसीटीवी फुटेज को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा तेज है। फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो, शिकायत और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं इस घटना ने शहर के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है कि जनप्रतिनिधियों का आचरण जनता के लिए उदाहरण होना चाहिए या विवादों का कारण।

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