डेस्क खबरबिलासपुर

लाइसेंस खत्म, फिर भी चालू ‘कोयले का खेल’: कश्यप कोल डिपो में खुलेआम अफरा-तफरी, जिम्मेदार विभाग बने मूकदर्शक ! अवैध डिपो को किराए में लेकर चला रहा आकाश सिंघल !!



डेस्क खबर बिलासपुर ../ जिले की धार्मिक नगरी रतनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलतरा-लिम्हा टोल प्लाजा के पास स्थित एक कोल डिपो को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, कश्यप कोल डिपो का लाइसेंस समाप्त होने के बाद भी उसका संचालन जारी है।   सूत्रों के मुताबिक कश्यप कोल डिपो को किराए में लेकर उक्त अवैध को  डिपो का संचालन आकाश सिंघल द्वारा किया जा रहा है, जबकि इसकी लीज अवधि पहले ही समाप्त हो चुकी है। इसके बावजूद डिपो को कथित रूप से अवैध तरीके से चलाया जा रहा है, जिससे शासन के नियमों की खुली अनदेखी हो रही है। इस बारे में आकाश सिंघल से फोन में मिली जानकारी के अनुसार वह ही यह कोल डिपो का संचालक कर रहा है और इस डिपो जो वह किराए में लेकर इसका संचालन कर रहा है । गौरतलब है कि आकाश सिंघल के खिलाफ पूर्व में अवैध तरीके से कोयला डिपो संचालित करने के खिलाफ रतनपुर थाने में शिकायत दर्ज है।


बताया जा रहा है कि यह कोई एकमात्र मामला नहीं है। रतनपुर थाना सहित आसपास के क्षेत्र में ऐसे कई कोल डिपो संचालित हो रहे हैं, जिनके लाइसेंस की अवधि समाप्त हो चुकी है, लेकिन फिर भी वे सक्रिय हैं। इतना ही नहीं कई नामचीन कोल  माफिया कई कोल डिपो को किराए में लेकर कोयले की अफरा तफरी कर मालामाल हो रहे है ।इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक बात यह है कि संबंधित विभागों को जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि न तो रतनपुर पुलिस इस मामले में हस्तक्षेप कर रही है और न ही खनिज विभाग द्वारा कोई जांच या कार्रवाई की जा रही है। इससे अवैध गतिविधियों को बढ़ावा मिल रहा है और शासन को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। वही खनिज विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कश्यप कोल डिपो की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है और डिपो में कोयल की खरीदी बिक्री पर पूरी तरह रोक लगी हुई है और उसके बाद भी यदि आकाश सिंघल द्वारा इस डिपो में कोयले का कारोबार संचालित किया जा रहा तो जांच कर कार्यवाही की जाएगी।




कश्यप कोल डिपो में नियमों को ताक पर रखकर कोयले का अवैध कारोबार बेखौफ तरीके से जारी है। बताया जा रहा है कि इस डिपो का लाइसेंस काफी पहले समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद यहां बड़े पैमाने पर कोयले का भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस पूरे खेल में आकाश सिंघल की सक्रिय भूमिका सामने आ रही है, जो कथित तौर पर कोयले की अफरा-तफरी को संचालित कर रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि किराए के इस डिपो की लाइसेंस अवधि खत्म होने की पुष्टि खुद खनिज विभाग के अधिकारियों द्वारा की जा चुकी है, फिर भी कार्रवाई का अभाव कई सवाल खड़े कर रहा है। पुलिस और खनिज विभाग की निष्क्रियता के चलते यह अवैध कारोबार दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।



जानकारों के मुताबिक, किसी भी खनिज डिपो के संचालन के लिए वैध लाइसेंस अनिवार्य होता है और इसकी समय-सीमा समाप्त होने के बाद संचालन पूरी तरह अवैध माना जाता है।  नियमों के अनुसार, लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है, अन्यथा संचालन पर रोक लगाई जानी चाहिए ।स्थानीय लोगों का कहना है कि डिपो में खुलेआम कोयले का आवागमन हो रहा है, लेकिन न तो कोई निरीक्षण हो रहा है और न ही जब्ती की कार्रवाई। सवाल यह उठ रहा है कि जब विभाग को लाइसेंस समाप्त होने की जानकारी है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?


बड़ा नेटवर्क होने की आशंका

सूत्र बताते हैं कि इस तरह के अवैध डिपो अक्सर बड़े नेटवर्क का हिस्सा होते हैं, जहां कोयला बिना रॉयल्टी और टैक्स के सप्लाई किया जाता है। इससे शासन को राजस्व का भारी नुकसान होता है और अवैध कारोबार को बढ़ावा मिलता है

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