डेस्क खबरबिलासपुर

बिलासपुर में 80 हजार लेकर गांजा आरोपी को छोड़ने पर आरक्षक और हवलदार सस्पेंड.! एसएसपी की सख्त कार्यवाही ,कोटा थाना प्रभारी से जवाब तलब.!!



डेस्क खबर बिलासपुर ../ एक तरफ जहाँ जिले के पुलिस कप्तान नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला कर जिले में नशे के साम्राज्य को खत्म करने की मुहिम में जुटे हुए है , वही दूसरी तरफ नशे के खिलाफ मुहिम की आड़ में कुछ खाकीधारी नशे के सौदागरों से वसूली कर रहे है । बिलासपुर में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। कोटा थाना क्षेत्र में 500 ग्राम गांजा के साथ पकड़े गए एक नाबालिग आरोपी को कथित रूप से 80 हजार रुपये लेकर छोड़ने के आरोप में हवलदार प्रकाश दुबे और आरक्षक सोमेश्वर को निलंबित कर दिया गया है।



मामले की जानकारी मिलते ही एसएसपी रजनेश सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया। साथ ही कोटा थाना प्रभारी  से भी जवाब तलब किया गया है। गौरतलब है कि कोटा थाना प्रभारी पर रतनपुर थाना के प्रभार के दौरान भी कोयला , शराब के अवैध कारोबारियों से मिलीभगत के गंभीर आरोप लगे थे और शिकायतों के बाद उनकी कोटा थाना में पोस्टिंग कर दी गई थी लेकिन हालत जस के तस बने हुए है और वर्दी की आड़ में कानून का खौफ दिखाकर जमकर वसूली का खेल बिना किसी डर भय के चालू है ।


बताया जा रहा है कि आरोपी को गांजा के साथ पकड़े जाने के बाद कानूनी कार्रवाई के बजाय लेन-देन कर उसे छोड़ दिया गया। मामले के उजागर होते ही विभाग में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस विभाग ने पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि कानून से ऊपर कोई नहीं। वही विभागीय सूत्रों की माने तो थाना प्रभारी के संज्ञान के बाद ही मामले की सेटिंग का खेल शुरू होता है और मामला उजागर होने के बाद छोटे कर्मचारियों को बलि का बकरा बना कर कार्यवाही की जाती जबकि जिम्मेदारों को अभयदान मिल जाता है ।

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