


डेस्क खबर बिलासपुर / तखतपुर। देश के गौरव, सम्मान और अस्मिता के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज के साथ गणतंत्र दिवस जैसे पावन राष्ट्रीय पर्व पर हुई एक गंभीर चूक ने तखतपुर नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया। नगर पालिका परिषद कार्यालय परिसर में आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रध्वज फहराते समय फिसल गया, जिससे कुछ क्षणों के लिए कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही मुख्य अतिथि ने तिरंगा फहराने के लिए रस्सी खींची, तकनीकी खराबी के कारण राष्ट्रध्वज पूरी तरह खुलने के बजाय अचानक नीचे की ओर फिसल गया। तिरंगे को इस तरह बीच में ही सरकते देख वहां मौजूद जनसमूह स्तब्ध रह गया। आनन-फानन में कर्मचारियों ने स्थिति को संभाला और ध्वज को सम्मान के साथ दोबारा फहराया, लेकिन तब तक राष्ट्रीय सम्मान के साथ यह बड़ी चूक सार्वजनिक हो चुकी थी।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक धर्मजीत सिंह की अनुपस्थिति ने पहले ही चर्चाओं का बाजार गर्म कर रखा था, और इस तकनीकी खामी ने प्रशासन की “उदासीन कार्यप्रणाली” पर मुहर लगा दी। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जो प्रशासन साल के सबसे बड़े राष्ट्रीय उत्सव पर मुस्तैद नहीं रह सकता, वह आम दिनों में नगर की समस्याओं के प्रति कितना गंभीर होगा, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। जबकि कार्ड में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक धर्मजीत सिंह के नाम का उल्लेख था अब विधायक जी क्यो इस कार्यक्रम में शमिल नहीं हो पाए फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है ।

अब बड़ा सवाल यह है कि नगर पालिका प्रशासन इस गंभीर चूक की जिम्मेदारी किस पर तय होगी
बड़ा सवाल है कि क्या उच्चाधिकारी इस मामले में संज्ञान लेकर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे, या फिर यह मामला भी सरकारी फाइलों की धूल में दबकर रह जाएगा।