
डेस्क खबर बिलासपुर रतनपुर. / जिले की धार्मिक नगरी रतनपुर के खुटाघाट से निकलकर ग्राम खैरखुड़ी, सरवनदेवरी, गढ़वट और लखराम होकर बहने वाली खारून नदी में इन दिनों रेत माफियायो के हौसले बुलन्द है । रेत चोर बेखौफ होकर बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह अवैध कारोबार खनिज विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत और संरक्षण में बिना रोक-टोक जारी है। रतनपुर पुलिस के द्वारा भी पुरे क्षेत्र मे अवैध रेत उत्खनन पर चलने वाले ट्रैक्टरों पर कोई कार्यवाही नहीं किया जाता,नदी क्षेत्र के कई हिस्सों में बड़ी-बड़ी मशीनें और जीसीबी लगाकर हर दिन सैकड़ो की संख्या मे ट्रैक्टर व हाईवा रेत से भरे निकलते देखे जा रहे हैं। सूत्रों की माने तो अवैध रेत के परिवहन में लगे वाहनों से महीने के नाम पर एक निश्चित राशि की वसूली की जाती है और जो रेत चोर आनाकानी करता है उसके खिलाफ कार्यवाही की जाती है ।

खारुन नदी में बेदर्दी से हो रही खुदाई के चलते नदी का स्वरूप बिगड़ रहा, है और जगह-जगह गड्ढे बने किसी हादसे का इंतजार करते नजर आ रहे है ।
लगातार हो रहे अवैध उत्खनन ने खारून नदी का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह बदल दिया है। नदी किनारों पर रेत के पहाड़ जमा हो गए हैं और कई जगहों पर गहरे गड्ढे बन चुके हैं, जिससे नदी का पर्यावरण और जलस्रोत गंभीर खतरे में हैं।एनिकट का गेट तोड़कर किया गया पानी खाली
चौंकाने वाली बात यह है कि सरवनदेवरी के पास बने एनिकट के गेट को रेत माफियाओं ने तोड़ दिया, जिससे नदी का पानी तेजी से बाहर निकल गया। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पानी खाली होने से मशीनों के लिए रेत निकालना आसान हो जाता है, और इसी वजह से एनिकट को नुकसान पहुंचाया गया है।

सुबह तड़के से रात देर तक धड़ल्ले से उत्खनन
ग्रामीणों का आरोप है कि रोज सुबह 5 बजे से लेकर देर रात तक ट्रैक्टर और हाईवा रेत ढोते रहते हैं। इन सबके बीच खनिज विभाग के अधिकारी पूरी तरह निष्क्रिय नजर आते हैं। कभी-कभार छोटे वाहनों पर खानापूर्ति कार्रवाई कर विभाग अपनी पीठ थपथपाता नजर आता है, लेकिन बड़े स्तर पर अवैध खनन बेखौफ जारी है।
माफियाओं के हौसले बुलंद, विभाग की नींद गहरी
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेत माफिया खुलेआम नदी में ‘मगरमच्छ की तरह गोते लगाते’ नजर आते हैं, लेकिन खनिज विभाग को यह सब दिखाई नहीं देता। विभागीय सेटिंग और अधिकारियों–माफियाओं सहित पुलिस की मिलीभगत की चर्चा क्षेत्र में आम है।

नियमों को ताक पर रखकर रेत की लूट
सूत्रों के अनुसार नियम-कानूनों की पूरी तरह अनदेखी कर अवैध उत्खनन का खेल लंबे समय से चल रहा है। न तो पर्यावरणीय मानकों का पालन हो रहा है और न ही मशीनों के प्रयोग पर रोक। खनिज विभाग की उदासीनता के चलते रेत का यह अवैध कारोबार निरंतर बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खारून नदी को हो रहे इस गंभीर नुकसान को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जाए, अवैध उत्खनन पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए और इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की जांच हो। ताकि खारुन नदी के अस्तित्व को बचाया जा सके ।