
डेस्क खबर धमतरी शहर में उस वक्त हंगामा मच गया जब देश के महापुरुषों की तस्वीरें कचरा गाड़ी में पड़ी हुई मिलीं। मामला यहीं नहीं रुका, बल्कि एक पुराने शाला भवन में कचरे के बीच प्रधानमंत्री सहित अन्य महापुरुषों की तस्वीरें भी पाई गईं। इस घटना ने शहर की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल पैदा कर दी। हैरानी की बात यह रही कि इसी स्थान पर बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाओं की खेप भी बरामद की गई।
घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेसी नेता मौके पर पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने खुद महापुरुषों की तस्वीरों को कचरे से निकालकर साफ किया और इसे देश के महापुरुषों का अपमान बताया। कांग्रेस नेताओं ने इस पूरे मामले के लिए नगर निगम प्रशासन, विशेषकर महापौर और भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए तीखा हमला बोला। कांग्रेस का कहना है कि महापुरुषों की तस्वीरों को इस तरह कचरे में फेंकना न केवल असंवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि यह समाज और देश के इतिहास का भी अपमान है। साथ ही एक्सपायरी दवाओं का इस तरह खुले में पड़ा होना जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।
वहीं इस मामले पर धमतरी महापौर ने सफाई देते हुए कहा कि महापुरुषों की तस्वीरों को साफ-सुथरी गाड़ी में लाया गया था। उन्होंने शाला भवन में तस्वीरें और एक्सपायरी दवाएं फेंके जाने के लिए शिक्षा विभाग को जिम्मेदार ठहराया और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए है । महापौर ने बताया कि संबंधित भवन लगभग 100 साल पुराना है, जिसे पहले नगर निगम ने शिक्षा विभाग के सुपुर्द किया था। अब यहां अस्पताल बनाया जाना है और हाल ही में इस भवन को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर किया गया है। प्रशासनिक लापरवाही या आपसी तालमेल की कमी के कारण यह मामला तुल पकड़ता जा रहा है और इसका राजनैतिक करण भी होता नजर आ रहा है जिसका नजारा आने वाले दिनों में इस मामले को लेकर होने वाली बयानबाजी से शुरू होगा ?? अब देखना होगा कि महापुरुषों के अपमान पर कार्यवाही होगी या सिर्फ बयानबाजी .??