दिल्ली से पकड़े गए 150 करोड़ की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ‘बंटी-बबली’ गिरोह, SSP शशिमोहन सिंह की सतर्क निगरानी में जशपुर पुलिस ने किया बड़ा खुलासा..! सरकारी मंत्रालय के नाम पर करोडो की ठगी..!


डेस्क खबर../ जशपुर जिले की पुलिस ने बुधवार को एक सनसनीखेज ऑपरेशन में 150 करोड़ रुपये की अंतरराज्यीय ठगी का भंडाफोड़ करते हुए दो मुख्य आरोपियों रत्नाकर उपाध्याय और अनीता उपाध्याय बंटी बबली कि शातिर जोड़ी को राजधानी दिल्ली से गिरफ़्तार किया। यह कार्रवाई SSP शशिमोहन सिंह की सतत मॉनिटरिंग में की गई, जिन्होंने इस पूरे अभियान को बेहद पेशेवर ढंग से संचालित करवाया। आरोपी खुद को सरकारी मंत्रालय से जुड़ा बताकर देश के विभिन्न राज्यों में करोड़ों की धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे।

पत्थलगांव निवासी व्यापारी अमित अग्रवाल की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ था, जिसमें “राष्ट्रीय ग्रामीण साक्षरता मिशन” के नाम पर स्वेटर सप्लाई कराने के बहाने 5.70 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। विवेचना में पता चला कि यह गिरोह दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ सहित 15 राज्यों में एजेंटों के माध्यम से झूठे CSR ऑर्डर का लालच देकर व्यवसायियों से भारी रकम ऐंठता था।
SSP शशिमोहन सिंह ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए SDOP धुर्वेश जायसवाल के नेतृत्व में एक विशेष टीम को दिल्ली भेजा। पुलिस ने खुद को मंत्रालय का अधिकारी बताकर अनीता उपाध्याय को होटल ताज, चाणक्यपुरी में मीटिंग के लिए बुलाया और उसे हिरासत में लिया। उससे मिली सूचना के आधार पर रत्नाकर को सागरपुर से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने “अपहरण” का बहाना बनाकर दिल्ली पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की, लेकिन SDOP जायसवाल ने साहसपूर्वक स्थिति को संभाला।पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि रत्नाकर के पास दिल्ली और लखनऊ में करोड़ों की संपत्ति है, जिनमें 24 फ्लैट और एक लग्ज़री कार शामिल है। जशपुर पुलिस अब आरोपियों की संपत्तियों की जांच भी कर रही है।
इस सफलता पर रेंज IG दीपक झा ने पूरी पुलिस टीम को नगद इनाम देने की घोषणा की है। SSP शशिमोहन सिंह द्वारा संचालित यह ऑपरेशन राज्य की अपराध जांच प्रणाली में एक मिसाल बन गया है।