

डेस्क खबर भिलाई। जामुल और छावनी थानों में पदस्थ रहे दो पुलिस अधिकारियों की मुश्किलें उस समय बढ़ गईं जब एक फरार सटोरिया के साथ उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं। बताया जा रहा है कि जामुल थाना प्रभारी कपिल देव पांडेय और तत्कालीन छावनी थाना प्रभारी चेतन चंद्राकर (वर्तमान में पुलिस लाइन में पदस्थ) एक पार्टी में शामिल हुए थे, जहां कुख्यात सटोरिया भी मौजूद था। पुलिस रिकॉर्ड में फरार चल रहे इस सटोरिया के साथ इन अधिकारियों की पार्टी में मौजूदगी और फोटो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तस्वीरें और खबरें सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल इस पर संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी है।
भिलाई -दुर्ग पुलिस के रिकॉर्ड में पिछले लगभग 03 साल से महादेव ऐप मामले में फरार चल रहे शहर के प्रमुख कुख्यात सटोरिया धर्मेंद्र जायसवाल के श्री राम हाइट्स हाइट्स परिसर कैलाश नगर हाउसिंग बोर्ड औद्योगिक क्षेत्र भिलाई में आयोजित भव्य और आलीशान पार्टी में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भिलाई -दुर्ग शहर सुखनंदन राठौर जामुल के थाना प्रभारी निरीक्षक कपिल देव पांडेय, छावनी के थाना प्रभारी उप निरीक्षक चेतन चंद्राकर पार्टी में शामिल होकर जाम से जाम टकरा रहे हैं

महादेव मामले में फरार आरोपी धर्मेंद्र जायसवाल के श्री राम हाइट्स कैलाश नगर हाउसिंग बोर्ड परिसर में एक विराट भव्य पार्टी हुई थी जिसमें पुलिस अधिकारी मौजूद थे जबकि धर्मेंद्र जायसवाल पुलिस रिकॉर्ड में फरार बताया जाता है एक वीडियो वायरल हो रहा है जिससे जामुल टीआई किस प्रकार उसके सटोरिया के छोटे भाई मिहिर जायसवाल के कंधे पर हाथ रखकर घूम रहे धर्मेंद्र जायसवाल का भाई मिहिर जायसवाल जिसके खिलाफ अभी -अभी स्मृति नगर चौकी में प्राण घातक हमले का मामला दर्ज किया गया है इस पार्टी में छावनी सब इंस्पेक्टर थाना प्रभारी चेतन चंद्राकर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन राठौर जामुल थाना प्रभारी कपिल देव पांडेय मौजूद थे।
जबकि पुलिस रिकॉर्ड में धर्मेंद्र जायसवाल को फरार बताया जा रहा है

विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, यह पार्टी एक निजी आयोजन थी, जिसमें कई अन्य लोग भी शामिल थे। लेकिन पुलिस विभाग से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों की उपस्थिति ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया। सटोरिया की तलाश में लगी पुलिस टीम के लिए यह तस्वीरें शर्मनाक मानी जा रही हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों ने इस पूरे मामले को पुलिस की छवि धूमिल करने वाला बताया है। आज जारी आदेश के अनुसार, दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पद से हटाते हुए पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया है। वहीं, मामले की गहराई से जांच के निर्देश भी दिए गए हैं