डेस्क खबर

बैठक के बाद बृजमोहन अग्रवाल ने पढ़ी कविता की पंक्ति .. ! आखिर क्या मायने है इन शब्दो के.?
अपना क्या है इस दुनिया में सब कुछ लिया उधार…
लोहा भी तेरा तलवार भी देरी
हमारी केवल धार…

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