

डेस्क खबर बिलासपुर../ प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर जिले के धान खरीदी केंद्रों में अनियमितताओं की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन मस्तूरी क्षेत्र के एरमसाही धान खरीदी केंद्र में सामने आया ताजा मामला हैरान करने वाला है। यहां बिना धान उठाए ही परिवहन के लिए डीओ (डिलीवरी ऑर्डर) काट दिया गया, जबकि केंद्र में एक भी बोरा धान मौजूद नहीं था। इस मामले का वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाया है जिसको देख अधिकारी भी हैरान हो जायेगे कि भ्रष्टाचार की जड़े किस कदर तक फैली हुई है और किस प्रकार धान खरीदी और धान उठाव के नाम पर अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक मालामाल हो रहे है ।
ग्रामीणों को जब इस पर संदेह हुआ, तो उन्होंने सरपंच की मदद से धान ले जा रही बताई जा रही गाड़ी को रास्ते में रोककर जांच की। जांच के दौरान जो सामने आया, उसने पूरे मामले की पोल खोल दी। गाड़ी में धान की बजाय सिर्फ खाली वारदाना (बोरे) भरे हुए थे। इससे साफ हो गया कि कागजों में धान परिवहन दिखाकर बड़ा खेल किया जा रहा था
जानकारी के अनुसार, यह डीओ लिमतरा स्थित हरिओम राइस मिल के नाम से काटा गया था। इस मामले में राइस मिल संचालक आकाश अग्रवाल ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि यदि उनके नाम पर फर्जी तरीके से डीओ जारी हुआ है, तो इसकी जिम्मेदारी पूरी तरह शाखा प्रबंधक की है। उन्होंने यह भी कहा कि इस घटना से उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है और वे इस संबंध में विपणन अधिकारी से शिकायत करेंगे। गौरतलब है कि इस धान खरीदी केंद्र में लगातार शिकायतें अधिकारियों तक भी पहुंच रही है लेकिन भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्यवाही नहीं होने के कारण इनके हौसले बुलंद होते जा रहे है । जबकि कुछ दिनों पहले ही इसी धान खरीदी केंद्र में गड़बड़ी के आरोप में छोटे कर्मचारियों को जेल भेज दिया गया था ।


गौरतलब है कि जिले में धान खरीदी से लेकर उसके परिवहन तक कई स्तरों पर गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही हैं। कई मामलों में जांच चल रही है और कुछ में कार्रवाई भी हो चुकी है, इसके बावजूद भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लग पा रही है। अब देखना होगा कि इस मामले के खुलासे के बाद प्रशासन दोषियों पर कब और कैसी कार्रवाई करता है।