डेस्क खबरबिलासपुर

पार्लर का सपना और इलाज के नाम पर वसूली! सत्यम ठाकुर पर दो शिकायतों में 2.11 लाख की ठगी के आरोप..पत्नी को बताया जिला अस्पताल में महिला विशेषज्ञ डाक्टर ! सिविल लाइन और सिटी कोतवाली पुलिस जांच में जुटी ..



डेस्क खबर बिलासपुर../  न्यायधानी में नौकरी और इलाज के नाम पर कथित ठगी के दो गंभीर मामले सामने आए हैं। सत्यम ठाकुर पर अमूल पार्लर का टेंडर दिलाने का भरोसा देकर एक महिला से 2 लाख 6 हजार 500 रुपये लेने और दूसरी शिकायत में इलाज कराने के नाम पर 5 हजार रुपये लेने का आरोप लगा है। दोनों शिकायतों में कुल 2 लाख 11 हजार 500 रुपये की कथित ठगी का मामला उठाया गया है।
पहली शिकायत कुदुदंड निवासी रिया बत्रा ने सिविल लाइन थाने में दी है। आरोप है कि सत्यम ठाकुर ने अमूल पार्लर का तीन साल का टेंडर दिलाने और रोजगार शुरू कराने का भरोसा दिया। इस भरोसे पर अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन और नकद कुल 2 लाख 6 हजार 500 रुपये लिए गए। शिकायत में सत्याम ठाकुर की पत्नी भावना ताम्रकार की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि रकम देने के बाद न पार्लर मिला और न ही वादा पूरा हुआ। आरोप है कि इस दौरान सत्यम ने अपनी पत्नी भावना ताम्रकार को महिला विशेषज्ञ डाक्टर और जिला अस्पताल में पदस्थ होने का हवाला और ऊँची पहुंच का दावा कर दो लोगों से ठगी की है।


दूसरी शिकायत में इलाज के नाम पर 5 हजार रुपये लेने का आरोप है। करबला रोड निवासी पवन गोयल जो कि सत्ता से सवाल पोर्टल के संचालक भी है उनके  मुताबिक, उनकी पत्नी की तबीयत खराब होने पर सत्याम ठाकुर ने जिला अस्पताल में इलाज कराने और पूरी व्यवस्था करने का भरोसा दिया। आरोप है कि 30 सितंबर को अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के बाद 5 हजार रुपये ऑनलाइन लिए गए। बाद में संपर्क करने पर मोबाइल बंद मिलने का आरोप लगाया गया है।
दो शिकायतें, एक नाम और पुलिस से कार्रवाई की मांग!


एक मामले में रोजगार का सपना दिखाकर लाखों रुपये लेने का आरोप है, तो दूसरे में इलाज के नाम पर रकम लेने की शिकायत। दोनों शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से मामले की जांच कर एफआईआर दर्ज करने और उचित कार्रवाई की मांग की है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच होगी? क्या कथित लेन-देन की पड़ताल कर सच्चाई सामने लाई जाएगी? और अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी? फिलहाल शिकायकर्ता के अनुसार इलाज और नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले सत्यम ने अपने दोनों मोबाइल नंबर को बंद कर दिया है  जिसके बाद सवाल खड़े हो रहे है कि रोजगार और इलाज जैसे भरोसे के मामलों में अगर ठगी हुई है, तो पीड़ितों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? फिलहाल अब देखना होगा कि शिकायत के आधार पर सिविल लाइन और सिटी कोतवाली पुलिस कब तक सत्यम और उसकी पत्नी तक पहुंचती है और कब शिकायतों का निराकरण हो पाता है।

error: Content is protected !!