



डेस्क खबर बिलासपुर../ सरकारी राशन वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक व्यवस्था लागू की गई है, लेकिन बिलासपुर शहर के वार्ड क्रमांक 22 स्थित जय गणेश प्राथमिक उपभोक्ता भंडार में बायोमेट्रिक के बजाय ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण किए जाने का मामला सामने आया है। इससे राशन वितरण की प्रक्रिया और सरकारी नियमों के पालन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, संबंधित राशन दुकान में सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए कई हितग्राहियों को ओटीपी के माध्यम से राशन वितरित किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि किन परिस्थितियों में इस प्रक्रिया को अपनाया गया और क्या इसके लिए निर्धारित नियमों का पालन किया गया?
सरकार की मंशा राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाकर पात्र हितग्राहियों तक उनका हक पहुंचाना है। ऐसे में यदि निर्धारित प्रक्रिया से हटकर राशन वितरण किया गया है, तो इसकी जांच जरूरी है। वहीं, ओटीपी के जरिए वितरण की अनुमति और संबंधित रिकॉर्ड की जांच से वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
अब खाद्य विभाग की जिम्मेदारी है कि वह मामले की निष्पक्ष जांच करे। वितरण रिकॉर्ड, ओटीपी से हुए लेन-देन और हितग्राहियों को वास्तव में राशन मिलने की स्थिति का सत्यापन किया जाना चाहिए। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल, मामले में विभागीय जांच और आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। सवाल यही है कि राशन वितरण के नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार विभाग क्या कदम उठाता है।
