विज्ञान में बेटियों ने मारी बाजी! DIET पेंड्रा में सम्पन्न हुई 32वीं बाल विज्ञान कांग्रेस, जिले के 6 बाल वैज्ञानिकों ने मारी राज्य स्तर पर एंट्री, 148 स्कूलों ने लिया हिस्सा*




डेस्क खबर ../ विज्ञान के क्षेत्र मेंगौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की प्रतिभा एक बार फिर निखर कर सामने आई है। जिला मुख्यालय पेंड्रा स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) में 32वीं जिला स्तरीय बाल विज्ञान कांग्रेस का भव्य और सफल आयोजन सम्पन्न हुआ। इस आयोजन ने साबित कर दिया कि GPM के सरकारी स्कूलों के बच्चे भी बड़े-बड़े शोध और नवाचार में किसी से पीछे नहीं हैं।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CCOST) एवं राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (NCSTC), भारत सरकार के तत्त्वावधान में आयोजित किया गया था। इस वर्ष की बाल विज्ञान कांग्रेस का मुख्य विषय बेहद ही समसामयिक और महत्वपूर्ण *”Science and Innovation for Sustainability – सतत भविष्य के लिए विज्ञान एवं नवाचार”* रखा गया था, जिस पर बच्चों ने एक से बढ़कर एक रिसर्च प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।

*DEO के निर्देशन में हुआ भव्य आयोजन -*
यह संपूर्ण आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी * रजनीश तिवारी* के कुशल निर्देशन तथा प्राचार्य व कार्यक्रम समन्वयक *बनमाली प्रसाद वासुदेव* के बेहतरीन समन्वय में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डाइट पेंड्रा के प्राचार्य * नरेंद्र कुमार तिवारी* का विशेष मार्गदर्शन प्राप्त हुआ, जिन्होंने बच्चों को विज्ञान को सिर्फ किताब तक सीमित न रखकर जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
*148 स्कूलों का पंजीयन, 113 रिसर्च प्रोजेक्ट्स का प्रदर्शन, 65% भागीदारी के साथ बालिकाओं का दबदबा -*
आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले के कुल *148 विद्यालयों* ने इसमें अपना पंजीयन कराया था, जिनमें से 113 विद्यालयों ने अपने रिसर्च फाइल फॉर्म जमा किए। सूक्ष्म मूल्यांकन के बाद फाइनल राउंड के लिए सीनियर वर्ग से 51 एवं जूनियर वर्ग से 62 यानी कुल *113 प्रोजेक्ट्स* का प्रदर्शन डाइट में किया गया।

लेकिन इस बार की सबसे बड़ी और गर्व करने वाली बात यह रही कि इस पूरी प्रतियोगिता में *बालिकाओं का दबदबा देखने को मिला। कुल सहभागिता में 65% भागीदारी अकेले बालिकाओं की रही,* जिन्होंने अपने प्रोजेक्ट्स से निर्णायकों को भी हैरान कर दिया। यह बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का जीता-जागता उदाहरण है।
*6 होनहारों ने मारी राज्य स्तर पर एंट्री – ये हैं जिले के बाल वैज्ञानिक -*
निर्णायक मंडल द्वारा गहन प्रस्तुतीकरण एवं मूल्यांकन के आधार पर दोनों वर्गों से कुल 6 प्रतिभागियों को राज्य स्तर के लिए चयनित किया गया है। अब ये 6 बाल वैज्ञानिक राज्य स्तर पर GPM जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
*जूनियर वर्ग में चयनित -*
1. *विपिन -* शासकीय माध्यमिक शाला बसंतपुर, पेंड्रा
2. *वंदिता -* शासकीय माध्यमिक शाला सोनबचरवार, पेंड्रा
3. *राजकंवर -* शासकीय मिडिल स्कूल रटियाडांड, मरवाही
*सीनियर वर्ग में चयनित -*
1. *प्रतीक्षा कुशवाहा -* शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरकारी पारा
2. *मिथिलेश कंवर -* शासकीय गुरुकुल विद्यालय, पेंड्रा रोड
3. *चंद्रशेखर -* शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नेवसा, गौरेला
इन सभी चयनित प्रतिभागियों को जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से बधाई दी गई है और राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी गई हैं।
*इन विशेषज्ञों ने किया मूल्यांकन -*
शोध प्रोजेक्ट्स का मूल्यांकन जिले के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञ निर्णायकों द्वारा किया गया, जिनमें श्रीमती ममता चक्रवर्ती (सहायक प्राध्यापक), श्री हरजीत सिंह (सहा. प्राध्यापक, भंवर सिंह पोर्ते कॉलेज, पेंड्रा), टी. पी. चन्द्रा (सहा. प्राध्यापक, पं. माधवराव सप्रे कॉलेज, पेंड्रा रोड), टेकलाल पाटले (प्रशिक्षण अधिकारी, ITI गौरेला) तथा गिरीश दत्त शर्मा (व्याख्याता, शासकीय उ.मा.वि. टिहारपारा) शामिल थे।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ उनके मार्गदर्शक शिक्षकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। आयोजन को सफल बनाने में हरिशंकर शर्मा, अभिषेक शर्मा, विकास वर्मा, राहुल कोरी एवं सूरज सिंह बिसेंन का विशेष योगदान रहा।
