



डेस्क खबर बिलासपुर../समाजसेवा के क्षेत्र में विगत 20 वर्षों से निरंतर समर्पण, संवेदना और सेवा-भाव के साथ कार्य करने वाली प्रसिद्ध समाजसेविका *श्रीमती रीवा राजगिर जी* को *’मूकनायक’ राष्ट्रीय पुस्तक अभियान, छत्तीसगढ़* द्वारा *आत्मीय सम्मान* से सम्मानित किया गया।
आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में उन्हें *अभिनंदन-पत्र और स्मृति चिन्ह* प्रदान कर सम्मानित किया गया। अभिनंदन पत्र में उल्लेख किया गया है कि माता-पिता, पति एवं परिवार से प्राप्त संस्कारों को जनसेवा का संकल्प बनाकर आपने यह संदेश दिया है कि सच्ची सेवा वही है, जिससे किसी के जीवन में आशा का दीप जले और चेहरे पर मुस्कान लौट आए।’मूकनायक’ संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि आपके समर्पित सेवाकार्यों, प्रेरणादायी व्यक्तित्व एवं मानवीय संवेदनाओं के प्रति वे हृदय से अभिनंदन एवं सम्मान अर्पित करते हैं। आपकी सेवा-यात्रा यूँ ही अनवरत रहे, हर कदम किसी के जीवन में उजाला प्रसारित होता रहे।

इस सम्मान के अवसर पर श्रीमती रीवा तर्मगिर जी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि उन सभी का है जिन्होंने समाजसेवा के इस सफर में उनका साथ दिया। उन्होंने ‘जय भीम, नमो बुद्धाय’ के साथ सभी का आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम में संगठन के प्रमुख सदस्य – भूषण गायकवाड़, ओंकारदास वर्मा, सौरभ बालासोरे, कन्हैया माथने सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
