



डेस्क खबर बिलासपुर../ गरीबों के हक का चावल आखिर जा कहां रहा है? वेयरहाउस से तौलकर चावल निकला, सरकारी राशन दुकानों में उतरा और फिर सरकंडा में ट्रक के भीतर बारदाने की पलटी करते लोगों का वीडियो सामने आया। अब सवाल है—दुकान में चावल उतरने के बाद ट्रक में यह खेल आखिर किसका था? जबकि इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है किस तरह त्रिपाल को आड़ बनाकर चावल की हेराफेरी की जा रही थी। दावा किया जा रहा है कि चावल चोरी के वीडियो सामने आने और कार्यवाही से बचने के लिए ट्रांसपोर्टर ने पूरे मामले को मैनेज कर लिया है।
मामले में वाहन क्रमांक CG 10 AW 6051 की जानकारी सामने आई है। बताया गया कि 28 सितंबर को ट्रक ने सरकारी राशन दुकानों में चावल पहुंचाया था। श्री गणेश प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार के विक्रेता नानक नागदेव का दावा है कि उन्हें मांग के मुताबिक पूरा चावल मिला था।
इधर, डीएम नान नितिन दिवान के मुताबिक, वेयरहाउस से मांगपत्र के आधार पर तौलकर चावल जारी होता है और ट्रांसपोर्टर उसे दुकानों तक पहुंचाता है। और इस वीडियो की जांच बिलासपुर खाद्य विभाग कर रहा है ।लेकिन खाद्य विभाग की जांच को लेकर तस्वीर साफ नहीं है। डीएम नान ने जांच की बात कही, जबकि क्षेत्र के खाद्य निरीक्षक मंगेश कांत ने ऐसे किसी मामले की जांच और शिकायत मिलने की जानकारी से इनकार किया।


अब सवालों की बौछार है—जब चावल पूरा भेजा गया, दुकानदार पूरा मिलने का दावा कर रहा है, तो सरकंडा में ट्रक के भीतर चावल की पलटी क्यों हो रही थी? ट्रांसपोर्टर की जिम्मेदारी क्या है? और विभाग वीडियो सामने आने के बाद भी जांच के लिए शिकायत का इंतजार क्यों कर रहा है?

जिले में करीब पांच लाख लोगों की राशन व्यवस्था से जुड़ा यह मामला बेहद गंभीर है। पहले भी सरकारी चावल को दूसरे जिले में ले जाने से संबंधित वीडियो सामने आने की बात कही गई थी।
अब जरूरत है कागजों की नहीं, जमीन पर जांच की! वेयरहाउस के रिकॉर्ड, ट्रक की आवाजाही और दुकानों के स्टॉक का मिलान हो। अगर चावल की हेराफेरी हुई है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।
आखिर गरीबों के हक के चावल का हिसाब कौन देगा—और कब जागेगा खाद्य विभाग? सूत्रों की माने तो पूरे चावल चोर के खेल को बड़े पैमाने में सिंडिकेट बनाकर अंजाम दिया जा रहा है और जिम्मेदार शिकायत नहीं मिलने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ कर मामले को रफा दफा कर रहे है। जबकि एक नामी रसूखदार द्वारा वेयर हाउस से निकला सरकारी चावल सुबह सुबह अपने एक निश्चित दुकान में खाली करवा कर बड़े व्यापारियों को छोटे छोटे आटो के माध्यम से बोरिया बदलकर भेजकर रोज लाखों रु का व्यारा न्यारा किया जा रहा है और जिले में सरकारी चावल की जमकर कालाबाजारी की जा रही है।हालांकि यह वीडियो कुछ पुराना जरूर हो गया है लेकिन अभी तक जांच के नाम पर सिर्फ खाना पूर्ति ही हो पाई है।
