डेस्क खबरबिलासपुर

सर्पदंश मुआवजा घोटाले के बाद अब लू से हुई मौतों पर उठे सवाल… 16 मामलों में बांटे गए 64 लाख रुपये की होगी जांच..कई तहसीलदार और लिपिक जांच के दायरे में .कलेक्टर ने दिया दोषियों पर कड़ी कार्यवाही का आश्वासन



डेस्क खबर बिलासपुर../सर्पदंश मुआवजा घोटाले की जांच के बीच बिलासपुर जिला प्रशासन ने अब लू से हुई मौतों से जुड़ी मुआवजा राशि की भी जांच शुरू कर दी है। वर्ष 2023-24 में जिले में लू से 15 लोगों की मौत दर्ज की गई थी, जबकि इससे एक साल पहले सिर्फ एक मौत का रिकॉर्ड सामने आया था। अचानक बढ़े आंकड़ों को देखते हुए प्रशासन ने इन सभी मामलों की जांच कराने का फैसला लिया है।इन 16 प्रकरणों में मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपये प्रति मामले के हिसाब से कुल 64 लाख रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है। अब जांच टीम प्रत्येक मामले की फाइल, मृत्यु प्रमाण पत्र और संबंधित बैंक खातों में हुए लेन-देन की पड़ताल करेगी।

अचानक बढ़ी मौतों की संख्या ने बढ़ाया संदेह

प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल वर्ष 2023-24 के आंकड़ों को लेकर है। एक साल पहले लू से केवल एक मौत दर्ज हुई थी, जबकि अगले वर्ष यह संख्या बढ़कर 15 हो गई। इसी अंतर को देखते हुए प्रशासन अब यह सत्यापित करेगा कि सभी मौतें वास्तव में लू के कारण हुई थीं या नहीं।जांच में यह भी देखा जाएगा कि मुआवजा जारी करने के दौरान प्रस्तुत दस्तावेज सही थे या नहीं और पात्रता के नियमों का पालन किया गया था या नहीं।

मुआवजा घोटाले की जांच के बीच खुली दूसरी फाइल

सर्पदंश मुआवजा मामले में आरोप है कि सामान्य मौत, दुर्घटना, शराब सेवन और आत्महत्या जैसे मामलों को सर्पदंश बताकर सरकारी मुआवजा हासिल किया गया। इस मामले में करीब 17 करोड़ रुपये से अधिक की अनियमितता सामने आने के बाद पुलिस ने अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया है।इस प्रकरण में डॉक्टरों, तहसील कार्यालय के कर्मचारियों, नगर सैनिकों, अधिवक्ता और मुआवजा हासिल करने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई है। इसी पृष्ठभूमि में लू से जुड़े मुआवजा प्रकरणों की जांच को भी गंभीरता से देखा जा रहा है।

सात तहसीलदार और पांच लिपिक भी जांच के दायरे में

सर्पदंश मुआवजा मामले में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार और एडीएम समेत अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। सात तहसीलदारों और पांच लिपिकों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। हालांकि अभी तक किसी का बयान दर्ज नहीं हो पाया है।अब इस मामले की जांच राज्य स्तर की टीम से कराए जाने की तैयारी है।

कलेक्टर बोले- फर्जीवाड़ा मिला तो होगी कड़ी कार्रवाई

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच अभी बाकी है। यदि किसी भी प्रकरण में गलत तरीके से या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मुआवजा हासिल करने की बात सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल प्रशासन की जांच से यह स्पष्ट होगा कि लू से हुई सभी 16 मौतों के मामलों में मुआवजा नियमों के अनुसार दिया गया था या फिर इनमें भी किसी तरह की अनियमितता हुई है।

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