



डेस्क खबर बिलासपुर../ प्रदेश की न्यायधानी बिलासपुर में बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। बीजेपी महिला मोर्चा के कांग्रेस भवन पहुंचकर राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी करने के बाद कांग्रेस ने भी शक्ति प्रदर्शन किया। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय केशरवानी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कांग्रेस ने प्रशासन पर दबावपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए प्रशासनिक आतंकवाद का मुद्दा उठाया।
विवाद की एक प्रमुख वजह बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के सेलर गांव में जमीन की नपाई और सीमांकन की कार्रवाई भी है। सेलर के सरपंच और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष धनंजय सिंह की जमीन के सीमांकन के विरोध में क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग बिलासपुर पहुंचे। कांग्रेस इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रही है और बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला पर गंभीर आरोप लगा रही है।और विधायक के इशारे पर इसे प्रशासनिक आतंकवाद बता रही है।
इससे पहले महापौर पूजा विधानी के नेतृत्व में बीजेपी महिला मोर्चा की टीम कांग्रेस भवन पहुंची थी और राहुल गांधी के खिलाफ नारेबाजी की थी। इसके बाद कांग्रेस भवन में गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किए जाने का घटनाक्रम भी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया।
सड़क पर प्रदर्शन, वाटर कैनन और एक-दूसरे पर आरोपों की बौछार ने शहर का राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। कांग्रेस इसे प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ विरोध बता रही है, वहीं बीजेपी के प्रदर्शन ने भी राजनीतिक बहस को हवा दी है। कांग्रेस और बीजेपी लगातार एक दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन कर रही हैअब सवाल यह है कि यह टकराव केवल राजनीतिक प्रदर्शन तक सीमित रहेगा या आने वाले दिनों में बिलासपुर की सियासत में कोई नया मोड़ आएगा?
